नवादा में भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अस्पतालों में बढ़े मरीज, स्कूली बच्चों का हाल बेहाल

Nawada News : नवादा के रजौली मुख्यालय समेत पूरे प्रखंड क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. सुबह 8 बजे से ही तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है और दोपहर तक 44 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर जा रहा है. गर्मी के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, वहीं अस्पतालों में लू और गर्मी से बीमार मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है.

Nawada News : (कुमार मनीष देव) नवादा के रजौली मुख्यालय समेत पूरे प्रखंड क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. सुबह 8 बजे से ही तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है और दोपहर तक 44 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर जा रहा है. गर्मी के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, वहीं अस्पतालों में लू और गर्मी से बीमार मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है.

सुबह 9 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा

भीषण गर्मी के कारण लोग बेवजह घरों से निकलने से बच रहे हैं. सुबह 9 बजे के बाद बाजार और सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है. दुकानदार भी पंखा-कूलर चलाकर किसी तरह दुकान में बैठे रहते हैं. जिलाधिकारी नवादा के निर्देश पर शैक्षणिक संस्थानों में पठन-पाठन का समय सुबह 11 बजे तक निर्धारित किया गया है, लेकिन फिर भी स्कूल से लौट रहे बच्चे पसीने से भीगे और चेहरे पर थकान लिए दिखाई देते हैं. कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने से परिजन भी परेशान हैं.

अस्पताल में लू से दर्जनों भर्ती

भीषण गर्मी का असर बच्चों के साथ-साथ वयस्कों पर भी पड़ रहा है. शनिवार रात अनुमंडलीय अस्पताल में लू से ग्रसित दर्जनों मरीज भर्ती हुए. रविवार सुबह तक उनका इलाज जारी रहा. ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सतीश चंद्र सिन्हा ने बताया कि ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक गर्मी से बीमार मरीज ही पहुंच रहे हैं.

शनिवार शाम 6 से 8 बजे के बीच भगवानपुर निवासी जयमंती देवी, राजेश कुमार, हरदिया सेक्टर-बी के कृष्णा साव, ढाब की बबीता कुमारी, श्याम सुंदर कुमार, धामुचक की अनिता देवी, बरवा की कलावी देवी एवं महसई के मो. परवेज समेत कई मरीज इलाज के लिए पहुंचे. देर रात तक मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा. स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों को स्लाइन और जरूरी इंजेक्शन दिए.

बच्चों की सेहत पर संकट

तापमान 44 डिग्री पार होने के बावजूद बच्चों का स्कूल जाना जारी है. अभिभावकों का कहना है कि भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी है, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूलों का समय और कम करने या अवकाश घोषित करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई नया निर्देश नहीं आया है.

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Published by: Vivek Singh

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