Nawada News(कुमार मनीष देव): नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहाँ शुक्रवार को जंगली इलाके में जलावन की लकड़ी बीनने गई एक 17 वर्षीय युवती सर्पदंश (सांप काटने) का शिकार हो गई. आनन-फानन में परिजनों द्वारा उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान गंभीर स्थिति होने के कारण उसने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद से मृतक युवती के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
ककोलतिया जंगल में पैर पड़ते ही जहरीले सांप ने डसा, अस्पताल में स्थिति थी नाजुक
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, रजौली थाना क्षेत्र के पुरानी हरदिया अंतर्गत कचहरिया डीह मोहल्ले की रहने वाली एक युवती शुक्रवार की सुबह फुलवरिया डैम के किनारे स्थित ककोलतिया जंगल में जलावन के लिए सूखी लकड़ी बीनने गई थी. जंगल से लकड़ी लेकर लौटने के क्रम में झाड़ियों में युवती का पैर अचानक एक अत्यधिक जहरीले सांप पर पड़ गया. पैर पड़ते ही सांप ने उसे डस लिया. साथ में लकड़ी चुन रहे अन्य ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी और घायल युवती को घर लेकर आए. परिजन बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत इलाज के लिए रजौली मुख्यालय स्थित अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. रौशन कुमार ने बताया कि शुक्रवार की सुबह लगभग 10 बजे सर्पदंश से घायल युवती को लाया गया था, जिसकी पहचान हरदिया निवासी नरेश राजवंशी की 17 वर्षीय पुत्री ललती कुमारी के रूप में हुई.
अस्पताल में भर्ती किए जाने के समय ही ललती की हालत बेहद नाजुक थी. चिकित्सकों द्वारा उसे प्राथमिक उपचार देकर एंटीवेनम की डोज दी गई, लेकिन बेहतर इलाज की सख्त जरूरत को देखते हुए उसे तुरंत सदर अस्पताल नवादा रेफर कर दिया गया. दुर्भाग्यवश, रजौली अस्पताल से नवादा सदर अस्पताल ले जाने के रास्ते में ही ललती कुमारी ने दम तोड़ दिया.
मजदूरी कर चलता है परिवार, संझली बेटी की मौत से टूटा दुखों का पहाड़
मृतका ललती कुमारी के पिता नरेश राजवंशी ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उनकी संझली बेटी घर में खाना बनाने के लिए लकड़ी लाने जंगल गई थी, जहां सांप के काटने से उसकी जान चली गई. उन्होंने बताया कि वे और उनकी पत्नी मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं. घर में माता-पिता के अलावा दो शादीशुदा बड़ी बहनें, एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है. इस असमय मौत ने पूरे गरीब परिवार को तोड़कर रख दिया है.
मुखिया ने लगाया अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, रेफर करने की नीति पर उठाए सवाल
इस दुःखद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पंचायत के मुखिया पिंटू साव पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे और ढांढस बंधाया. परिजनों से मिलने के बाद मुखिया ने रजौली अनुमंडलीय अस्पताल की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मियों की कथित लापरवाही के कारण ही इस गरीब बच्ची की जान गई है. रजौली अस्पताल की यह पुरानी आदत बन चुकी है कि यहाँ कोई भी गंभीर मरीज आए, उसे तुरंत सदर अस्पताल रेफर कर दिया जाता है. स्थानीय स्तर पर मरीजों की देखभाल और मुस्तैदी से इलाज करने की जिम्मेदारी से स्वास्थ्यकर्मी पूरी तरह पल्ला झाड़ लेते हैं.
मुखिया ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया कि वे सरकारी स्तर पर मिलने वाले मुआवजे को जल्द से जल्द दिलवाने में पूरी मदद करेंगे.
पोस्टमार्टम और FIR के बाद मिलेगा ₹4 लाख का मुआवजा: अंचलाधिकारी
इधर, मामले को लेकर रजौली अंचलाधिकारी (CO) मो. गुफरान मजहरी ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सर्पदंश से एक युवती की मौत होने की सूचना प्राप्त हुई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मृतक के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद थाने में नियमसंगत प्राथमिकी दर्ज करवाते हैं, तो आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों के तहत पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से चार लाख रुपये (₹4,00,000) का मुआवजा अविलंब प्रदान किया जाएगा.
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