शांति नगर में जलजमाव से 'अशांति', शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान, बढ़ा बीमारी का खतरा

Nawada News : नाली और जलजमाव से त्रस्त ग्रामीणों का अल्टीमेटम, समस्या नहीं सुलझी तो चुनाव में दबाएंगे NOTA.

पकरीबरावां (नवादा) से विश्वनाथ कुमार की रिपोर्ट
Nawada News : पकरीबरावां प्रखंड की पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या-5 स्थित शांति नगर मोहल्ले में नाली के पानी के जलजमाव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. मोहल्ले के लोगों का कहना है कि नाली की समुचित सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी आनेजाने वाले रस्ते और घरों के आसपास जमा रहता है, जिससे आम लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बरसात का मौसम नजदीक आने के साथ ही स्थानीय निवासियों की चिंता और बढ़ गई है. ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पकरीबरावां में आयोजित लोक शिकायत कार्यक्रम में आवेदन देकर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया था. आवेदन के बाद पंचायत सचिव के निर्देश पर सफाई कर्मियों को नाली की सफाई के लिए भेजा गया, लेकिन सफाई कार्य केवल खानापूर्ति बनकर रह गया.

मोहल्लेवासियों का फूटा गुस्सा

लोगों का आरोप है कि नाली की ऊपरी सतह की सफाई कर दी गई, जबकि मुख्य अवरोध और निकासी मार्ग की सफाई नहीं की गई, जिससे पानी का बहाव अब भी बाधित है. सफाई कर्मियों ने भी स्थानीय लोगों को बताया कि जब तक नाली के मुख्य पैन और निकासी मार्ग की पूरी तरह सफाई नहीं होगी, तब तक नाली का पानी सुचारू रूप से नहीं बह सकेगा. ऐसे में केवल ऊपर-ऊपर की सफाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है. यही कारण है कि सफाई के बाद भी मोहल्ले में जलजमाव की स्थिति जस की तस बनी हुई है. शांति नगर निवासी जवाहर साव, श्याम सुंदर प्रसाद, मुंशी ठाकुर सहित कई लोगों ने बताया कि हल्की बारिश होने पर भी नाली का पानी गली में फैल जाता है.

मानसून में भयावह हो सकते हैं हालात

यदि मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई तो स्थिति और भयावह हो सकती है. ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कई घरों में पानी प्रवेश कर सकता है, जिससे लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ जनजीवन भी प्रभावित होगा. ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी के लगातार जमाव से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है. इसके अलावा दूषित वातावरण और गंदगी के कारण त्वचा रोग, दस्त, बुखार तथा अन्य संक्रामक बीमारियों की आशंका भी बनी हुई है. सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है.

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

लोगों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून शुरू होने से पहले नाली के मुख्य निकासी मार्ग की व्यापक सफाई कराई जाए तथा स्थायी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान पूरे मोहल्ले को गंभीर जलजमाव और स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ सकता है.

ग्रामीणों ने NOTA को बनाया हथियार

मोहल्लावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली की समुचित सफाई एवं जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आगामी चुनाव में मतदान के दौरान नोटा (NOTA) का प्रयोग कर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान को लेकर केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है.

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Published by: YUVRAJ RATAN

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