Nawada News (विश्वनाथ कुमार): नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार, 2 जून 2026 को कानून व्यवस्था को चुनौती देती हुई एक संदेहास्पद घटना सामने आई है. यहाँ देवधा राजेबीघा छिलका के समीप स्थित एक अलंग (मिट्टी का बांध/मेढ़) पर एक युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. मृतक की पहचान पकरीबरावां के जलपार गांव निवासी प्रसिद्ध पंडित के 19 वर्षीय पुत्र संदीप कुमार के रूप में की गई है. सरेराह शव मिलने की खबर आग की तरह फैल गई, जिसके बाद घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. इस खौफनाक वारदात के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में शोक के साथ-साथ गहरे भय का माहौल व्याप्त है.
अलंग पर साइकिल के पास पड़ा था शव, देखते ही ग्रामीणों के उड़े होश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को स्थानीय ग्रामीणों ने देवधा राजेबीघा छिलका के पास अलंग से गुजरते समय एक युवक को अचेत अवस्था में जमीन पर पड़ा देखा. युवक के ठीक पास ही उसकी साइकिल भी गिरी हुई थी. ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी. इसके तुरंत बाद स्थानीय चौकीदार और ग्रामीणों द्वारा पकरीबरावां थाना पुलिस को मामले की सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पकरीबरावां थानाध्यक्ष रंजन चौधरी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर शुरुआती छानबीन शुरू की.
बेटे की हत्या कर शव फेंकने का आरोप, परिजनों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
घटना के बाद मृतक संदीप के घर में कोहराम मच गया है. मृतक के पिता प्रसिद्ध पंडित ने रोते-बिलखते अपने पुत्र की सुनियोजित तरीके से हत्या किए जाने की गंभीर आशंका जताई है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि संदीप की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी हत्या कर साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को यहाँ फेंका गया है. परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की जाए और उनके बेकसूर बेटे के हत्यारों को चिह्नित कर कड़ी से कड़ी कानूनी सजा दी जाए. परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आधिकारिक जांच प्रारंभ कर दिया है.
एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी ने किया निरीक्षण; मौत का राज खोलेगी FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पकरीबरावां अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुजय विद्यार्थी एवं पुलिस सर्किल इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार ने भी तुरंत घटनास्थल का दौरा किया. आलाधिकारियों ने बारीकी से क्राइम सीन का मुआयना किया और जांच कर रही पुलिस टीम को कई आवश्यक तकनीकी निर्देश दिए.
थानाध्यक्ष रंजन चौधरी ने मीडिया को बताया कि खोजी प्रक्रिया को पुख्ता करने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की विशेष टीम को बुलाकर घटनास्थल से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य जरूरी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है.
एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी ने बताया कि पहली नजर में मामला पूरी तरह संदिग्ध है. पुलिस हत्या (मर्डर) समेत आपसी रंजिश और अन्य सभी संभावित तकनीकी बिंदुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है. पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस से अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है.
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