Nawada News: नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड अंतर्गत धमौल बाजार स्थित मनरेगा भवन के समीप लगे 100 केवीए (KVA) विद्युत ट्रांसफार्मर से निकले जर्जर बिजली तार स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए बड़े खतरे का सबब बने हुए हैं. लंबे समय से तारों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है और कई स्थानों पर तारों का आवरण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.
बाजार क्षेत्र में भय का माहौल, शिकायतों के बाद भी उदासीनता
धमौल बाजार का मुख्य इलाका होने के कारण इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों और वाहनों का आवागमन होता है. इसके पास दुकानें, सरकारी कार्यालय और रिहायशी मकान स्थित हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों में हमेशा डर का माहौल बना रहता है. ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के ठेकेदारों व अधिकारियों को मौखिक व लिखित रूप से इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक जर्जर तारों को बदलने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग शायद किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है. खासकर बारिश और तेज हवा के दौरान जर्जर तारों के टूटने या शॉर्ट सर्किट होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जर्जर तारों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जवाबदेही विद्युत विभाग की होगी.
कार्यपालक अभियंता ने दिया जल्द तार बदलने का आश्वासन
मामले को लेकर विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार भारती ने बताया कि मनरेगा भवन के पास स्थित ट्रांसफार्मर से जुड़े जर्जर तारों की समस्या उनके संज्ञान में आ चुकी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग द्वारा जल्द ही जर्जर तारों को बदलकर नया तार लगाया जाएगा, ताकि क्षेत्र में सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके.
