Nawada News : (विश्वनाथ कुमार) नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड स्थित परड़िया गांव में डिग्री कॉलेज स्थापना की दिशा में अहम पहल शुरू हो गई है. कॉलेज निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण करने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. अब मानकों के अनुरूप जमीन मिलने पर कॉलेज स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए नई सुविधा मिल सकती है.
परड़िया गांव में पहुंची अधिकारियों की टीम
बेलखुंडा पंचायत के परड़िया गांव में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज की जमीन का निरीक्षण नवादा सदर के अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग ने किया. इस दौरान शिक्षा विभाग की कार्यक्रम पदाधिकारी वर्षा कुमारी और पकरीबरावां के अंचल अधिकारी निशांत कुमार भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने भूमि की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों का बारीकी से जायजा लिया.
पहले ही भेजा जा चुका है भूमि का प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए पूर्व में 2.5 एकड़ भूमि का प्रस्ताव और प्रतिवेदन संबंधित विभाग को भेजा गया था. उसी प्रस्ताव के आधार पर अधिकारियों की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर जमीन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया.
जमीन के क्षेत्रफल और पहुंच मार्ग की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूमि के कुल क्षेत्रफल, पहुंच मार्ग, आसपास की सुविधाओं और अन्य आवश्यक मानकों की समीक्षा की. कॉलेज निर्माण के लिए भूमि की उपयोगिता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विस्तृत मूल्यांकन किया गया.
सरकार के मानकों पर खरा उतरना जरूरी
एसडीओ अमित अनुराग ने बताया कि डिग्री कॉलेज स्थापना के लिए सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पालन अनिवार्य है. यदि पर्याप्त और उपयुक्त भूमि उपलब्ध पाई जाती है तो विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
जमीन के आकार पर भी रहेगा विशेष ध्यान
उन्होंने बताया कि कॉलेज निर्माण के लिए केवल भूमि का क्षेत्रफल ही नहीं बल्कि उसका आकार भी महत्वपूर्ण है. जमीन की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात लगभग 1:2 या 1:3 होना चाहिए, ताकि भवन, खेल मैदान, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का समुचित विकास किया जा सके.
सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाएं भी जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कॉलेज तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क संपर्क और अन्य आवश्यक सुविधाओं का होना भी अनिवार्य है. निरीक्षण के दौरान इन सभी बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई.
रिपोर्ट के आधार पर होगा अंतिम फैसला
निरीक्षण के बाद अधिकारियों द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी. रिपोर्ट में भूमि की उपयुक्तता, उपलब्ध सुविधाएं और अन्य तकनीकी पहलुओं का उल्लेख किया जाएगा. इसी रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज स्थापना को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
स्थानीय लोगों में बढ़ी उम्मीद
डिग्री कॉलेज स्थापना की पहल से क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखा जा रहा है. ग्रामीणों का मानना है कि कॉलेज बनने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. साथ ही क्षेत्र में शैक्षणिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी.
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