Nawada News (अनिल कुमार): नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में ‘आरआई (नियमित टीकाकरण) डिजिटल माइक्रो प्लान एवं फैमिली प्लानिंग (परिवार नियोजन)’ विषय पर एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में प्रखंड क्षेत्र की एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को तकनीकी रूप से अधिक प्रभावी बनाने तथा परिवार नियोजन सेवाओं की ग्रामीण स्तर पर बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश व कड़ा प्रशिक्षण दिया गया.
डिजिटल तकनीक से सुधरेगी टीकाकरण की गुणवत्ता, शत-प्रतिशत कवरेज पर जोर
कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की जमीनी गुणवत्ता में व्यापक सुधार करना और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की कार्य क्षमता को डिजिटल रूप से अपग्रेड करना है.
उन्होंने कहा कि आरआई डिजिटल माइक्रो प्लान के माध्यम से सुदूर ग्रामीण इलाकों में आयोजित होने वाले टीकाकरण सत्रों की पूर्व योजना, सटीक लक्ष्य निर्धारण तथा शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने में काफी मदद मिलेगी. अब डिजिटल डेटा के आधार पर बच्चों की ट्रैकिंग आसान होगी, जिससे कोई भी पात्र बच्चा आवश्यक टीकों से वंचित नहीं रह सकेगा.
समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी परिवार नियोजन सेवाएं और जागरूकता
कार्यशाला के दौरान जनसंख्या नियंत्रण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर परिवार नियोजन सेवाओं को समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए भी विशेष रणनीति पर गंभीर चर्चा की गई. डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर वर्ग तक परिवार नियोजन संबंधी आधुनिक सेवाओं, साधनों और जागरूकता का लाभ सुलभता से पहुंचे. इसके लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को डिजिटल एप्लीकेशन और तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जा रहा है ताकि रिपोर्टिंग और फीडबैक की प्रक्रिया पारदर्शी हो सके.
WHO के विशेषज्ञों ने दी तकनीकी ट्रेनिंग, स्वास्थ्य कर्मियों ने लिया संकल्प
इस एक दिवसीय कार्यशाला को सफल बनाने और स्वास्थ्य कर्मियों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए वैश्विक व प्रांतीय स्तर के विशेषज्ञों की टीम मौजूद रही.
- तकनीकी विशेषज्ञ: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी कार्यालय के सहयोग से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एसएमओ डॉ. गीतिका शंकर, पीएसएफएम तथा डब्ल्यूएचओ के एएफएम बिपिन कुमार एवं अनिल कुमार ने एएनएम को डिजिटल एंट्री के गुर सिखाए.
- समन्वयक टीम: इसके साथ ही पीसीआई (PCI) संस्था के प्रखंड समन्वयक प्रमोद चौधरी सहित अस्पताल प्रबंधन के अन्य वरिष्ठ स्वास्थ्यकर्मी और कंप्यूटर ऑपरेटर मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
कार्यशाला के समापन सत्र में उपस्थित सभी एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों ने नई तकनीक को अपनाते हुए डिजिटल माइक्रो प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं परिवार नियोजन सेवाओं को जन-जन तक पूरी निष्ठा के साथ पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया.
