नवादा में पकरीबरावां-नवादा-जमुई मुख्य मार्ग पर सड़क सुरक्षा के लिए बनाए गए स्पीड ब्रेकर अब राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं. कई स्थानों पर मानक से अधिक ऊंचे और अनियमित तरीके से बने ब्रेकर आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं. सबसे अधिक दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है, जो अचानक ब्रेकर आने पर संतुलन खोकर घायल हो रहे हैं.
कई गांवों के पास बने ऊंचे ब्रेकर बने खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार भगवानपुर, मेघीपुर, रोहुआ और तपसीपुर सहित कई गांवों के समीप बने स्पीड ब्रेकर जरूरत से ज्यादा ऊंचे हैं. वाहन चालक अक्सर इनकी ऊंचाई का सही अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे बाइक उछल जाती है और चालक सड़क पर गिर पड़ता है.
रात में और बढ़ जाता है हादसे का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्पीड ब्रेकरों पर न तो सफेद रंग की चेतावनी पट्टियां बनाई गई हैं और न ही रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं. रात के समय वाहन चालकों को ब्रेकर दिखाई नहीं देते, जिससे तेज रफ्तार वाहन सीधे ब्रेकर से टकरा जाते हैं और दुर्घटनाएं होती हैं.
हर दिन हजारों वाहन करते हैं इस मार्ग का इस्तेमाल
इस सड़क से प्रतिदिन स्कूल बस, एंबुलेंस, यात्री वाहन, ट्रक और निजी वाहनों सहित हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. ऐसे में मानक से अधिक ऊंचे स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं की आशंका को और बढ़ा रहे हैं.
आईआरसी मानकों के अनुसार निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए स्पीड ब्रेकर जरूरी हैं, लेकिन उनका निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए. मनमाने ढंग से बनाए गए ऊंचे ब्रेकर सुरक्षा देने के बजाय दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं.
तकनीकी जांच और सुधार की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मार्ग का सर्वे कर सभी स्पीड ब्रेकरों की तकनीकी जांच कराने, आवश्यकता के अनुसार उनकी ऊंचाई कम करने तथा प्रत्येक ब्रेकर पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और सफेद पट्टियां लगाने की मांग की है. लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
