Dairy Cooperatives: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को डीआरडीए सभागार में दुग्ध समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों का एक दिवसीय समागम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश, उप विकास आयुक्त शंभू शरण पांडेय सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. समागम में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, गुणवत्ता, विपणन और भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विस्तार से चर्चा की गयी.
पारदर्शी व्यवस्था पर डीएम का जोर
डीएम रवि प्रकाश ने कहा कि पशुपालन और डेयरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है. दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों और पशुपालकों की आमदनी के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने समितियों के अध्यक्ष और सचिवों से दुग्ध उत्पादकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से समितियों का संचालन करने को कहा.
उन्होंने दूध संग्रहण, गुणवत्ता जांच और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के साथ उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डीएम ने मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के साथ पशुपालकों को बेहतर पशु आहार, उन्नत नस्ल, पशु स्वास्थ्य सेवा और वैज्ञानिक पशुपालन की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया.
आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण पर जोर
डीएम ने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से दुग्ध उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है. इसके लिए पशुपालकों के बीच नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में प्रभावी पहल करने का निर्देश दिया.
चार प्रखंडों में 30-30 डिसमिल जमीन चिह्नित
डीएम ने बताया कि जिले में दुग्ध क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है. चितरकोली में जल्द बल्क मिल्क कूलर की स्थापना का काम शुरू होगा.
वहीं नरहट, रोह, अकबरपुर और काशीचक में बीएमसी की स्थापना के लिए करीब 30-30 डिसमिल जमीन चिह्नित की गयी है. इन स्थानों पर स्थापना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जायेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में सुधा मिल्क बूथ खोलने की दिशा में भी काम किया जा रहा है.
महिलाओं और युवाओं को समितियों से जोड़ने पर बल
डीएम ने अधिक से अधिक पशुपालकों, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं तथा युवाओं को दुग्ध सहकारी समितियों से जोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे.
दुग्ध उत्पादन और संग्रहण व्यवस्था बेहतर बनाने पर जोर
उप विकास आयुक्त शंभू शरण पांडेय ने बेहतर समन्वय के साथ दुग्ध उत्पादन और संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया. उन्होंने दुग्ध समितियों के पदाधिकारियों से पशुपालकों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की अपील की.
कार्यक्रम में नालंदा डेयरी के मुख्य कार्यपालक अरविंद कुमार सिन्हा, डॉ. केके आजाद, डॉ. सुशील कुमार सिन्हा समेत विभिन्न दुग्ध समितियों के अध्यक्ष-सचिव और संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे.
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