रजौली में 10 एकड़ जमीन के लिए मतभेद, खेल मैदान या बंदोबस्ती की भूमि? प्रशासन ने शुरू कराई नापी

Nawada News : नवादा के रजौली में नदी किनारे स्थित 10 एकड़ जमीन को लेकर दो गुटों में गहरा विवाद है. एक पक्ष इसे सार्वजनिक खेल मैदान और चारागाह बताता है, तो दूसरा पक्ष इसे बंदोबस्ती वाली अपनी जमीन बता रहा है. मामले को सुलझाने के लिए प्रशासन ने जमीन की नापी शुरू कर दी है.

Nawada News : रजौली थाना क्षेत्र की फरका बुजुर्ग पंचायत के गागन खुर्द गांव में नदी किनारे स्थित लगभग 10 एकड़ जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है. एक पक्ष इस भूमि को पूर्वजों के समय से खेल मैदान, चारागाह और विश्राम स्थल बताकर इसे सार्वजनिक उपयोग की जमीन बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे बिहार सरकार की बंदोबस्ती वाली जमीन बताते हुए अपने नाम से पर्चा होने का दावा कर रहा है. मामले को लेकर दोनों पक्ष लगातार प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन दे रहे हैं. विवाद को देखते हुए अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन की नापी शुरू करा दी है.

तीन हिस्सों की नापी पूरी, चौथे की बारिश के कारण बाकी

अंचल प्रशासन के अनुसार अब तक विवादित भूमि के तीन हिस्सों की नापी पूरी हो चुकी है. बारिश के कारण चौथे हिस्से की नापी फिलहाल स्थगित कर दी गई है. मौसम सामान्य होने के बाद शेष भूमि की मापी कराई जाएगी.

पहला पक्ष बोला- पूर्वजों के समय से खेल मैदान और चारागाह

गागन खुर्द गांव निवासी दशरथ यादव, अखिलेश कुमार, सिंटू यादव, दीपक कुमार, महेश कुमार, किशुन यादव, राधेश्याम यादव, युवराज यादव, कपिल यादव और जगदीश यादव का कहना है कि नदी किनारे स्थित लगभग 10.5 एकड़ भूमि का उपयोग वर्षों से गांव के खेल मैदान, चारागाह और विश्राम स्थल के रूप में होता आ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने इस जमीन पर अतिक्रमण कर खेती शुरू कर दी है. साथ ही रात के समय अवैध रूप से बालू का उठाव भी किया जाता है. उनका कहना है कि पूर्व में शिकायत के बाद लगभग 70 प्रतिशत भूमि की नापी हुई थी, लेकिन बारिश के कारण शेष कार्य पूरा नहीं हो सका.

दूसरा पक्ष बोला- हमारे नाम से है बंदोबस्ती और पर्चा

दूसरे पक्ष के लव कुमार यादव ने बताया कि पुराने सर्वे में प्लॉट संख्या-326 में लगभग 10 एकड़ जमीन दर्ज थी. नए सर्वे में इस बड़े प्लॉट के कई हिस्से बनाए गए और जो जिस भूमि पर काबिज था, उसने अपने नाम से बंदोबस्ती कराकर पर्चा प्राप्त कर लिया. उन्होंने बताया कि बंदोबस्तीधारियों में राजकुमार यादव, दोबराज यादव, अर्जुन यादव, बगिया देवी, रामचंद्र यादव, चंदों यादव, सुरेश यादव, शंकर यादव सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं. लव कुमार यादव का कहना है कि गांव की परती खेल मैदान की जमीन आज भी अलग मौजूद है, लेकिन व्यक्तिगत विवाद के कारण कुछ लोग उनकी बंदोबस्ती वाली जमीन को सरकारी भूमि बताकर विवाद खड़ा कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि संख्या में कम होने के कारण उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है.

अवैध बालू उठाव और अतिक्रमण के भी लगे आरोप

लालू कुमार ने दावा किया कि पूर्वजों से चली आ रही परती जमीन पर आज भी बजरंगबली का ध्वज और प्रतिमा स्थापित है. उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही कुछ लोग इस भूमि से अवैध रूप से बालू और धुसा का उठाव कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खाता संख्या-52 के प्लॉट संख्या-664 स्थित बांध की सार्वजनिक भूमि पर कुछ लोगों ने मकान बना लिया है, जिसकी जांच होनी चाहिए.

नापी पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई : सीओ

अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि कुछ ग्रामीणों को बंदोबस्ती का पर्चा दिया गया है, लेकिन शिकायत मिली है कि कुछ लोग पर्चे में दर्ज क्षेत्रफल से अधिक भूमि पर कब्जा किए हुए हैं. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित भूमि की मापी कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि बारिश के कारण नक्शे और अभिलेखों के भीगने की आशंका के चलते फिलहाल तीन हिस्सों की नापी पूरी की गई है. मौसम साफ होते ही चौथे हिस्से की भी नापी कराई जाएगी. इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

तनाव के बीच निष्पक्ष जांच की मांग

जमीन विवाद को लेकर गांव में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. स्थिति को देखते हुए पुलिस को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द विवाद का समाधान कराने की मांग की है.

Also Read : जलजमाव से जूझ रहा बेगूसराय का झमटिया प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई कराने को मजबूर शिक्षक



प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Kr manish dev

Published by: Yuvraj Ratan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >