Nawada News: नवादा मंडल कारा में बंद मेसकौर थाना क्षेत्र के महाराजवान निवासी घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है. मृतक के पिता रघु चौहान और माता फूलवंती देवी समेत परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या करार दिया है.
मंगलवार को ठीक था बेटा, अचानक कैसे लगा ली फांसी: परिजन
रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि वे मंगलवार को ही अपने बेटे से जेल में मिलने गए थे और उस वक्त वह बिल्कुल ठीक-ठाक था. उन्होंने सवाल उठाया कि अचानक अगले ही दिन वह फांसी लगाकर आत्महत्या कैसे कर सकता है? परिजनों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद कोई भी वरिष्ठ जेल अधिकारी या अधीक्षक अस्पताल नहीं पहुंचे.
सीसीटीवी फुटेज और जेल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मृतक के परिजनों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि जब पूरे जेल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो यह पूरी घटना उसमें दर्ज क्यों नहीं हुई? कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद किसी बंदी द्वारा जेल के अंदर फांसी लगा लेने की बात गले से नीचे नहीं उतर रही है. परिजनों ने रो-रोकर बुरा हाल के बीच पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
