फोटो कैप्शन – स्कूल जाते बच्चे. प्रतिनिधि, मेसकौर नये साल से एक दिन पहले बुधवार की शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिससे ठंड में काफी इजाफा हो गया. गुरुवार की सुबह घना कोहरा इस कदर छाया रहा कि 100 फीट की दूरी पर भी कुछ स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था. इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा एक जनवरी से सरकारी स्कूलों को पुनः खोलने का आदेश जारी कर दिया गया है. ऐसे में नये साल की सुबह बढ़ती ठंड और घने कोहरे ने स्कूली बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों की परेशानी बढ़ा दी. सुबह से ही घना कोहरा छाए रहने के कारण स्कूली वाहनों और शिक्षकों को वाहन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. नये साल की सुबह करीब नौ बजे तक वाहनों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से सड़कों पर चलना पड़ा. साइकिल या पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी सतर्कता बरतते देखा गया. ऐसे में अभिभावकों का कहना है कि स्कूल जाने के लिए बच्चों को सुबह आठ बजे ही घर से निकलना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें सात बजे से ही तैयार होना पड़ता है. सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच बच्चों को घर से बाहर भेजना जोखिम भरा हो गया है. सड़कों पर वाहन ठीक से नजर नहीं आने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. खुले वाहनों और पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. अभिभावकों ने जिला प्रशासन से ठंड व कोहरे को देखते हुए स्कूलों का अवकाश बढ़ाने की मांग की है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
