Heavy vehicle movement suspended : बिहार के नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड अंतर्गत खखनदुआ-गोपालपुर सड़क मार्ग पर माननीय हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बाद भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रोक लगाई गई थी. लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब एक बार फिर से इस मार्ग पर धड़ल्ले से भारी वाहन चलने लगे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिल रही है.
सड़क खराब होने और दुर्घटनाओं की आशंका से ग्रामीण परेशान
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर भारी वाहनों के लगातार परिचालन से न केवल सड़क की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, बल्कि आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी हद तक बढ़ गई है. लोग अपनी जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हैं.
कुछ समय तक नियंत्रित रही थी भारी वाहनों की आवाजाही
आपको बता दें कि हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद शुरुआती दिनों में इस मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. आदेश के अनुपालन के बाद कुछ समय तक इस सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से नियंत्रित और शांत रही थी, जिससे लोगों को राहत मिली थी.
ग्रामीणों का आरोप: मंगलवार से फिर शुरू हो गया है परिचालन
क्षेत्र के ग्रामीण विकास सिंह और छोटे सिंह ने कड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि मंगलवार से इस मार्ग पर एक बार फिर से भारी वाहनों का परिचालन अवैध तरीके से शुरू हो गया है. उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है.
क्या कहते हैं अकबरपुर के अंचल अधिकारी
इस पूरे मामले पर जब अकबरपुर के अंचल अधिकारी (CO) संजय कुमार से बात की गई, तो उनका कहना था कि भारी वाहनों को प्रशासन के द्वारा बंद नहीं कराया गया था. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर भारी वाहन चल रहे हैं, तो फिलहाल उस पर रोक लगाने का कोई लिखित आदेश नहीं है.
प्रशासनिक बयान के बाद ग्रामीणों में और बढ़ी चिंता
अंचल अधिकारी के इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना और अस्पष्ट बयान के बाद स्थानीय ग्रामीणों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकारियों का ऐसा रुख रहेगा, तो सड़क की सुरक्षा और आम जनता की सुगमता कैसे सुनिश्चित हो सकेगी.
