Nawada News : इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-ऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) की ओर से ग्राम निर्माण मंडल कृषि विज्ञान केंद्र, सोखोदेवरा में गुरुवार को 'इफको नैनो उर्वरक (तरल) उपयोग जागरूकता अभियान' के तहत इफको किसान मित्र समूह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के वैज्ञानिक उपयोग तथा इसके संभावित लाभों की जानकारी दी गई. इस दौरान 50 किसानों के बीच डेमोंस्ट्रेशन किट का वितरण भी किया गया.
कृषि में नैनो तकनीक अपनाने के लिए किसानों को किया प्रेरित
कार्यक्रम में इफको के प्रबंधक डॉ. रमेश कुमार ने कृषि क्षेत्र में नैनो तकनीक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. उन्होंने किसानों को आधुनिक उर्वरक तकनीक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया. वहीं इफको के क्षेत्र अधिकारी शिशिर कुमार सिंह ने किसानों को इफको के विभिन्न उत्पादों और किसानों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी.
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नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के वैज्ञानिक उपयोग पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. जयवंत कुमार सिंह ने किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उर्वरकों का संतुलित और उचित उपयोग मिट्टी की सेहत बनाए रखने के साथ फसल उत्पादन में भी सहायक हो सकता है. उन्होंने किसानों से उर्वरकों का उपयोग कृषि विशेषज्ञों की सलाह और निर्धारित अनुशंसाओं के अनुसार करने की अपील की.
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विशेषज्ञों ने किसानों की तकनीकी शंकाओं का किया समाधान
प्रशिक्षण के दौरान विषय वस्तु विशेषज्ञ रविकांत चौबे, डॉ. शशांक शेखर सिंह और रजत रंजन ने किसानों के तकनीकी सवालों के जवाब दिए. साथ ही नैनो उर्वरकों के उपयोग से संबंधित किसानों की शंकाओं का समाधान किया.
डेमोंस्ट्रेशन किट से खेतों में करेंगे प्रयोग
कार्यक्रम में 50 किसानों के बीच डेमोंस्ट्रेशन किट का वितरण किया गया. विशेषज्ञों ने बताया कि किसान इन किट के माध्यम से अपने खेतों में नैनो उर्वरकों का प्रयोग कर इसके प्रभाव का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना और नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना था.
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