Nawada News: बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के नवादा सरकारी बस पड़ाव के चालक एवं कंडक्टरों ने मंगलवार को निजी बस कर्मियों की कथित दबंगई और मारपीट के विरोध में सभी सरकारी बसों का परिचालन पूरी तरह ठप कर दिया. एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के कारण नवादा से खुलने वाली निगम की सभी बसों का पहिया थम गया, जिससे दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी के मुसाफिरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
यात्रियों को जबरन बैठाने और मारपीट करने का आरोप
निगम कर्मियों का आरोप है कि नवादा से पटना, गया, बिहारशरीफ और जमुई रूट पर चलने वाली सरकारी बसों के स्टाफ के साथ निजी बसों के चालक-कंडक्टर लगातार दुर्व्यवहार और मारपीट करते हैं. निजी बस कर्मियों द्वारा यात्रियों को जबरन अपनी बसों में बैठाया जाता है. सरकारी कर्मियों को शहर के भीतर बसों की एंट्री नहीं करने देने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जाती हैं. महिला यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही पिंक बसों के संचालन में सबसे ज्यादा व्यवधान और विरोध का सामना करना पड़ रहा है.
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, बढ़ा आक्रोश
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि इस संबंध में वरीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन निजी बस संचालकों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई. प्रशासनिक अनदेखी से नाराज होकर कर्मचारियों ने बाध्य होकर मंगलवार को बसों का चक्का जाम करने का फैसला लिया.
हड़ताल तोड़कर पटना से बस लाने वाले संवाहक का विरोध
हड़ताल के दौरान उस वक्त बस पड़ाव पर भारी अफरा-तफरी मच गई जब पटना से एक सरकारी संवाहक बस लेकर नवादा पहुंच गया. हड़ताली कर्मियों ने एकजुटता न दिखाने और हड़ताल का उल्लंघन करने पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उक्त संवाहक को चप्पल की माला पहनाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. हड़ताल के कारण पूरे दिन सरकारी बस डिपो पर सन्नाटा पसरा रहा और यात्री निजी वाहनों व टैक्सियों में मनमाना किराया देकर सफर करने को मजबूर हुए.
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