नवादा के फुलवरिया डैम की सुरक्षा होगी और पुख्ता, 36 बोरिंग के साथ बनेगा पीजोमीटर और कंट्रोल रूम

Nawada News : रजौली के फुलवरिया डैम की सुरक्षा के लिए 36 बोरिंग और पीजोमीटर लगाए जा रहे हैं. कंट्रोल रूम से डैम की निगरानी 24 घंटे होगी, जिससे रिसाव का पता तुरंत चलेगा.

Nawada News : रजौली प्रखंड की हरदिया पंचायत स्थित फुलवरिया जलाशय डैम की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. डैम में पानी के सीपेज की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता बनाने के लिए डैम परिसर में 36 बोरिंग कराने के साथ पीजोमीटर और कंट्रोल रूम का निर्माण कराया जा रहा है.

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डैम की मजबूती और सुरक्षा के लिए उसकी अंदरूनी स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है. इसी उद्देश्य से यह तकनीकी व्यवस्था विकसित की जा रही है.

पीजोमीटर से मिलेगी जल दबाव और जलस्तर की जानकारी

पीजोमीटर के माध्यम से डैम के अंदर जल दबाव और जलस्तर से जुड़ी सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी. वहीं डैम परिसर में बनाए जा रहे कंट्रोल रूम में इन आंकड़ों की 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था होगी.

इससे डैम के अंदर किसी भी तरह की असामान्य स्थिति या सीपेज की समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकेगा. समस्या सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने में भी सुविधा होगी.

फुलवरिया डैम का फोटो | Prabhat Khabar Network

डेढ़ महीने में पूरा होगा काम

इस कार्य की जिम्मेदारी सिमकॉन कंपनी को दी गयी है. कंपनी के जूनियर इंजीनियर जेके सिंह ने बताया कि डैम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिन्हित 36 स्थानों पर बोरिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है. बोरिंग के साथ पीजोमीटर की स्थापना और कंट्रोल रूम का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है.

उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ महीने में सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे. काम पूरा होने के बाद डैम की सुरक्षा निगरानी व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर और तकनीकी रूप से अधिक सुदृढ़ हो जाएगी.

लंबे समय से की जा रही थी निगरानी की मांग

स्थानीय लोगों के अनुसार, फुलवरिया जलाशय डैम में पानी के सीपेज को लेकर लंबे समय से सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही थी. बरसात के मौसम में डैम के आसपास के इलाकों में पानी के रिसाव को लेकर चिंता भी जताई जाती थी. इसी को देखते हुए सिंचाई विभाग की ओर से यह तकनीकी व्यवस्था शुरू की गयी है.

गांवों की सुरक्षा में भी मिलेगी मदद

36 बोरिंग, पीजोमीटर और कंट्रोल रूम तैयार होने के बाद डैम की स्थिति पर वैज्ञानिक तरीके से नजर रखी जा सकेगी. इससे डैम की सुरक्षा और मजबूती को बनाए रखने में मदद मिलने के साथ नीचे बसे गांवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी.

विभाग और कंपनी की निगरानी में कार्य तेजी से चल रहा है. अधिकारियों ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने का भरोसा जताया है. स्थानीय स्तर पर भी डैम की सुरक्षा के लिए शुरू की गयी इस पहल की सराहना की जा रही है.

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By कुमार मनीष देव

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