प्ले ब्वाॅय जॉब और बेबी बर्थ सर्विस के नाम पर ठगी प्रेगनेंट कि नाम पर ठगी करने वाले एक साइबर अपराधी गिरफ्तार,ठगी करने वाले कई दस्तावेज बरामद।

Nawada news. जिले के साइबर ठग लोगों को ठगने के नये-नये हथकंड़े अपना रहे हैं. एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है.

नया हथकंडा. निः संतान महिलाओं को प्रेग्नेंट करो, पांच लाख ले जाओ

कादिरगंज पुलिस ने साइबर आरोपित सोनू कुमार को किया गिरफ्तार

दो मोबाइल व चार फर्जी सिम किये गये बरामद

अश्लील फोटो व वीडियो समेत साइबर ठगी से जुड़े कई साक्ष्य मिले

प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय

जिले के साइबर ठग लोगों को ठगने के नये-नये हथकंड़े अपना रहे हैं. एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. प्ले ब्वाॅय जॉब और बेबी बर्थ सर्विस के नाम पर महिलाओं को गर्भवती बनाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करते एक साइबर अपराधी को एसआइटी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. घटना कादिरगंज थाना क्षेत्र के पचंबा मोड़ के पास की है. पचंबा मोड़ स्थित कचरा भवन के समीप बधार में छापेमारी कर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपित की पहचान थाना क्षेत्र के गुरम्हा गांव निवासी अर्जुन प्रसाद के बेटे 22 वर्षीय सोनू कुमार के रूप में हुई है. उसकी तलाशी के क्रम में दो मोबाइल व चार फर्जी सिम बरामद किये गये हैं. मोबाइल से विभिन्न प्रकार के अश्लील फोटो व वीडियो समेत साइबर ठगी से जुड़े कई साक्ष्य बरामद किये गये हैं. एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर की गयी छापेमारी का नेतृत्व एसआईटी के टीम लीडर कादिरगंज एसएचओ श्रवण कुमार राम ने किया. जबकि अभियान में कादिरगंज थाने के अन्य पुलिस पदाधिकारी व डीआइयू की टीम शामिल थी.

सोशल पोस्ट ग्रुप में जोड़कर ठग रहे

पुलिस को साइबर अपराधियों द्वारा ऑल इंडिया जॉब सॉल्यूशन, प्रेग्नेंसी वुमन हेल्थ एवं प्ले ब्वाॅय सर्विस के नाम पर ऑनलाइन ठगी किये जाने की सूचना मिली थी. सूचना पर एसपी द्वारा टीम का गठन किया. टीम द्वारा की गयी छापेमारी में रात के अंधेरे में भागते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके शेष साथी भाग निकले. पूछताछ में आरोपित युवक ने स्वीकार किया कि उसके व उसके अन्य साथियों द्वारा महिलाओं को गर्भवती बनाने का झूठा प्रलोभन देकर विभिन्न राज्यों के लोगों से लाखों की ठगी की जा रही थी. जाल में फंसे लोगों को नि:संतान महिलाओं को गर्भवती बनाने पर पांच लाख रुपये देने का झांसा दिया जाता था. जिन्हें बच्चे नहीं होते थे, इसके एवज में लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 500 से 1000 रुपये लिये जाते थे. इसके बाद सेक्योरिटी फीस के नाम पर 5000 से 15000 की ठगी की जाती थी. एक बार जाल में फंसने के बाद ठगी की रकम लाखों में पहुंच जाती थी.

रुपये यूपीआइ के माध्यम से विभिन्न अकाउंट में ट्रांसफर कराये जाते थे

मोबाइल की जांच में ठगी से संबंधित कई साक्ष्य पुलिस को मिले हैं. वाट्सएप चैट में पार्ट टाइम जॉब, ऑल इंडिया प्ले ब्वाॅय जॉब कंपनी, ऑल इंडिया जॉब सॉल्यूशन व इंडिया नॉन ज्यूडीशियल बेबी बर्थ से संबंधित एग्रीमेंट लेटर, वीडियो व कई झूठी सूचनाएं बरामद की गयी हैं. साथ ही कई लोगों से ठगी किये गये रुपये के ट्रांजेक्शन का भी पता चला है. पुलिस इस आधार पर ठगी के शिकार लोगों का पता लगा रही है. इसके अलावा आरोपित के मोबाइल से जब्त किये गये सभी चार सिम फर्जी पाये गये हैं. इस मामले में कादिरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. थानाध्यक्ष श्रवण कुमार राम ने बताया कि विभिन्न बरामद साक्ष्यों के आधार पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं की तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया. वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. गौरतलब है कि प्रेग्नेंट करने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का एक पुराना रिश्ता है. प्रेग्नेंट के नाम पर साइबर ठगी का पहला खुलासा वर्ष 2023 में तत्कालीन प्रभारी साइबर पुलिस उपाध्यक्ष कल्याण आनंद ने किया था. इसमें गुप्त सूचना पर करीब छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में पुलिस हक्का बक्का रह गयी थी. उन्होंने महिलाओं को प्रेग्नेंट करने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाने की बात स्वीकार की थी. ठीक कुछ महीने बाद नारदीगंज थाना क्षेत्र के कहुंआरा से तीन साइबर अपराधी पकड़े गये थे, जिनका तार भी गुरम्हा गांव से ही जुड़ा हुआ था.

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Author: MANOJ KUMAR

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