Nawada News : रजौली प्रखंड में हाथीपांव यानी फाइलेरिया के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में नाइट ब्लड सर्वे और प्री-ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे की तैयारियों को लेकर व्यवहार परिवर्तन संचार बैठक आयोजित की गयी. बैठक में सर्वे को प्रभावी तरीके से संचालित करने के साथ-साथ लोगों को जांच और स्वास्थ्य अभियान से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की गयी.
फाइलेरिया संक्रमण का आकलन करना सर्वे का उद्देश्य
प्री-ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में फाइलेरिया के संक्रमण और संचरण की स्थिति का सटीक आकलन करना है. इसके माध्यम से सर्वजन दवा सेवन अभियान के प्रभाव का मूल्यांकन करने और आगे की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी.
वहीं, व्यवहार परिवर्तन संचार के जरिये लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक किया जायेगा. इसके तहत लोगों को जांच, दवा सेवन और बीमारी से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देकर उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जायेगा.
चयनित स्थलों की तैयारी और जागरूकता पर जोर
बीडीओ संजीव झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गयी. इसमें चयनित स्थलों की तकनीकी और व्यावहारिक तैयारी, सामुदायिक जागरूकता तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सर्वे के दौरान पात्र लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाये, ताकि कोई भी व्यक्ति जांच से वंचित न रहे.
अधिकारियों ने साझा की जिम्मेदारियां
इस अवसर पर अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी डीएस डॉ. दिलीप कुमार, पीएचसी प्रभारी डॉ. सौरभ कुमार निराला और सीडीपीओ नीति कुमारी मौजूद रहीं.
पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर निर्भय कुमार सिंह ने नाइट ब्लड सर्वे और प्री-ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे की बारीकियों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि साइट की तैयारी, फील्ड स्तर पर गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और लोगों को अभियान से जोड़ना इसकी सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को सर्वे के प्रति जागरूक करें और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करायें.
फाइलेरिया मुक्त समाज के निर्माण पर जोर
बैठक में स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया. अधिकारियों ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए केवल दवा सेवन ही नहीं, बल्कि समय पर जांच और लोगों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है.
बैठक के माध्यम से रजौली प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा फाइलेरिया मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास को मजबूत करने पर जोर दिया गया.
