चार दिन से खाद के लिए लाइन में नवादा के किसान, बिस्कोमान केंद्र पर हंगामा, पुलिस की मौजूदगी में हुआ वितरण

रजौली के बिस्कोमान केंद्र पर खाद के लिए चार दिनों से कतार में खड़े किसान। भीषण गर्मी और अव्यवस्था से परेशान किसानों ने किया हंगामा, प्रशासन से लगाई गुहार।

Nawada News : नवादा जिला के रजौली प्रखंड क्षेत्र में खाद की किल्लत से किसानों की परेशानी बढ़ गयी है. एनएच-20 किनारे होटल अर्चना परिसर में संचालित बिस्कोमान कृषक सेवा केंद्र पर पिछले शनिवार से यूरिया और डीएपी खाद लेने के लिए सैकड़ों किसान लंबी कतार में खड़े हैं. भीषण गर्मी में 8 से 10 घंटे इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिलने से मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और केंद्र पर जमकर हंगामा हुआ. सूचना के बाद पहुंची पुलिस की मौजूदगी में किसानों को कतारबद्ध कर खाद का वितरण कराया गया.

चार दिन से लाइन में किसान, फिर भी खाली हाथ

किसानों ने बताया कि वे शनिवार से रोज सुबह से शाम तक कड़ी धूप में लाइन में खड़े हो रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही है. सरमसपुर के हिमांशु कुमार, रामचंद्र प्रसाद, रविंद्र कुमार, दत्तीटिलहा के राकेश कुमार, प्राणचक के उदित कुमार समेत कई किसानों ने कहा कि चार दिनों से लाइन लगाने के बावजूद उनकी बारी नहीं आयी है. किसानों का कहना है कि डीएपी नहीं मिलने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है और फसल को नुकसान होने की चिंता बढ़ गयी है.

चहेतों को खाद देने का आरोप

किसानों ने बिस्कोमान कर्मियों पर मनमानी का आरोप लगाया. उनका कहना है कि लाइन में खड़े किसानों के बजाय कुछ चहेते लोगों को बिना कतार खाद उपलब्ध करा दी जाती है. वहीं आम किसान घंटों धूप में खड़े रहने को मजबूर हैं. इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता गया.

महिला किसानों ने भी लगाया गंभीर आरोप

खरीद बिगहा की महिला किसान सुनैना देवी और रीता देवी ने आरोप लगाया कि केंद्र पर एक बोरा खाद दिया जा रहा है, जबकि रसीद में पांच बोरा दर्ज किया जा रहा है. लाइन में खड़ी अन्य महिलाओं ने भी चार दिनों से भूखे-प्यासे इंतजार करने की शिकायत की. किसानों का कहना है कि खाद के लिए लगातार केंद्र का चक्कर लगाने से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है.

सर्वर खराब होने का बहाना और कालाबाजारी का आरोप

अंधरवारी के किसान संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सोमवार को थोड़ी देर खाद वितरण के बाद कर्मियों ने सर्वर खराब होने की बात कहकर वितरण बंद कर दिया. उन्होंने खाद को ट्रैक्टर पर लोड कर बाजार में कालाबाजारी के लिए भेजे जाने का भी आरोप लगाया. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

नंबरिंग के बाद फिर से लगवायी लाइन

किसानों ने बताया कि सोमवार को आधार कार्ड की कॉपी लेकर नंबरिंग की गयी थी और उसी क्रम में मंगलवार को खाद देने की बात कही गयी थी. लेकिन मंगलवार को दोबारा सभी किसानों को लाइन में खड़ा कर दिया गया. इससे किसान भड़क गये और हंगामा शुरू हो गया. करीब दो घंटे तक खाद वितरण बाधित रहा.

बीएओ बोले, 25 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध

प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार ने बताया कि बिस्कोमान केंद्र पर सोमवार को यूरिया और फास्फेट खाद का स्टॉक आया था. सोमवार दोपहर करीब दो बजे आधार सीडिंग मशीन खराब होने के कारण टोकन सिस्टम से मंगलवार को वितरण कराने का निर्देश दिया गया था. मंगलवार को हंगामे के बाद पुलिस बल की मदद से किसानों को कतारबद्ध कर खाद वितरण कराया गया. उन्होंने बताया कि केंद्र पर करीब 25 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है और सभी किसानों को व्यवस्थित तरीके से खाद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. स्टॉक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

व्यवस्था सुधारने की मांग

खाद वितरण में लगातार हो रही अव्यवस्था से किसानों में नाराजगी है. किसानों ने प्रशासन से पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से खाद वितरण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें घंटों धूप में कतार में खड़ा होकर परेशान न होना पड़े.


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By Kr manish dev

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