Nawada Magahi Education Proposal : बिहार के शिक्षा मंत्री द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में बच्चों को उनकी प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में दिए जाने के प्रस्ताव का चारों तरफ स्वागत हो रहा है. इसी कड़ी में नवादा से मगही मगध नागरिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस कुमार सिंह ने भी इस ऐतिहासिक कदम की सराहना की है.
अब हमारे बच्चे अपनी मातृभाषा मगही में करेंगे शिक्षा ग्रहण
पारस कुमार सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमारे बच्चे अपनी ही मीठी मगही भाषा में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे. इससे बड़ी और खुशी की बात हमारे समाज के लिए क्या हो सकती है, जिसके लिए हम सभी ने एक लंबा संघर्ष किया है और आज भी निरंतर कर रहे हैं.
वर्ष 2009 से सड़क से लेकर संसद तक उठ रही है आवाज
उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2009 से ही मगही मगध नागरिक संघ चरणबद्ध तरीके से सड़क से लेकर संसद तक लगातार अपनी आवाज बुलंद करती आ रही है. उन्होंने इस पूरे कदम को मगही भाषियों के लंबे संघर्ष और ऐतिहासिक आंदोलन की बड़ी जीत करार दिया है.
संविधान की आठवीं अनुसूची में मगही को शामिल करने की मांग
इस दौरान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पुरजोर मांग करते हुए कहा कि मातृभाषा के अधिकार के साथ-साथ अब मगही भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में भी जल्द से जल्द शामिल किया जाना चाहिए ताकि इसे और अधिक संवैधानिक पहचान मिल सके.
इन प्रमुख सदस्यों ने शिक्षा मंत्री का जताया आभार और जताई खुशी
संघ से जुड़े उदय शर्मा, विजय सिंह, केदारनाथ सिंह, वीरेंद्र शर्मा, विजेंद्र सिंह, चमारी शर्मा, अर्जुन वर्मा, सत्येंद्र सिंह, गौतम कुमार सरगम, नीतीश कपूर, रविंद्र सिंह, डॉ. भगवत प्रसाद, प्रदीप सिंह, विमल सिंह, उमेश प्रसाद और अखिलेश प्रसाद समेत तमाम सदस्यों ने शिक्षा मंत्री का धन्यवाद किया है और अपनी गहरी खुशी जाहिर की है.
