नवादा में राम मंदिर चंदा विवाद: 16 जुलाई को सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, पारदर्शिता और जांच की मांग; विरोध प्रदर्शन का किया ऐलान

बिहार में राम मंदिर के नाम पर चंदा वसूली को लेकर सियासत गरमा गई है. जिला कांग्रेस ने 16 जुलाई को बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जिसमें भाजपा और आरएसएस पर आस्था के नाम पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है. यह मुद्दा अब जनआंदोलन का रूप लेने की तैयारी में है.

Nawada Congress Protest On Ram Mandir Issue : बिहार में राम मंदिर के नाम पर चंदा संग्रह को लेकर सियासत तेज हो गई है. जिला कांग्रेस कमिटी ने 16 जुलाई को बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. पार्टी का आरोप है कि आस्था की आड़ में चंदा संग्रह में गड़बड़ी की गई है और इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस खुलकर मैदान में उतरने की तैयारी में है.

जिलाध्यक्ष प्रभाकर झा ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि जनता की भावनाओं से जुड़ा मामला है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर चंदा जुटाया और उसमें अनियमितता की गई. इसी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आवाज बुलंद करेंगे.

Congress : सैकड़ों कार्यकर्ता होंगे शामिल

प्रभाकर झा ने बताया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे. इसके अलावा आम लोग भी इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे. पार्टी की योजना है कि इस मुद्दे को गांव से लेकर शहर तक लोगों के बीच पहुंचाया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है और सभी प्रखंडों से लोगों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस इस प्रदर्शन को जनआंदोलन का रूप देना चाहती है.

Nawada News : आस्था के नाम पर राजनीति का आरोप

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि धर्म और आस्था का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं होना चाहिए. पार्टी का आरोप है कि राम मंदिर जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर लोगों की भावनाओं का फायदा उठाया गया है.

प्रभाकर झा ने कहा कि अगर चंदा संग्रह में पारदर्शिता होती तो इस तरह के सवाल खड़े नहीं होते. लेकिन जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं, उससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है. इसलिए जरूरी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो.

जवाबदेही तय करने की मांग

कांग्रेस ने साफ किया है कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए. पार्टी चाहती है कि जो भी लोग इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.

नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना जरूरी होता है और इस मुद्दे पर भी स्पष्टता होनी चाहिए. कांग्रेस इस प्रदर्शन के जरिए सरकार और संबंधित संगठनों से जवाब मांगने की तैयारी में है.

आगे भी जारी रहेगा आंदोलन

पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. 16 जुलाई का प्रदर्शन इसकी शुरुआत भर है.

यह मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को और गरमा सकता है. अब यह देखना अहम होगा कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और क्या इस विवाद पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है.

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By Manoj

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