रजौली प्रखंड के फरका बुजुर्ग पंचायत के भूपतपुर और बिराज गांव के बीच धनार्जय नदी पर पुल अथवा पुलिया नहीं होने से चार पंचायतों के लोगों का जीना मुहाल हो गया है. धमनी, फरका बुजुर्ग, बहादुरपुर एवं सवैयाटांड़ पंचायत के भूपतपुर, बिराज, गंगटा, मांगोंडीह, अम्बातरी, चमरबिगहा समेत दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बारिश के दिनों में धनार्जय नदी में पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है. मजबूरी में नदी पार करने के दौरान कई बार लोग तेज धारा में बह भी जाते हैं. गुरुवार को ही बिराज गांव निवासी लखन पासवान नदी पार करने के दौरान तेज बहाव में बहने लगे, जिन्हें ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर जान बचाई.
ग्रामीण मुकेश राजवंशी, रामचंद्र यादव, आशीष यादव, विजय यादव, पवन कुमार, कृष्णा पासवान, कपिल पासवान, ललिता देवी एवं सुनीता देवी ने बताया कि पुल नहीं रहने से लोगों को रजौली बाजार, प्रखंड एवं अंचल कार्यालय समेत अन्य सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है. सरकार ने हर पंचायत में 10+2 विद्यालय तो दे दिया, लेकिन पुल नहीं होने से धामुचक स्थित विद्यालय में इन गांवों के बच्चे तीन से चार महीने तक पढ़ने नहीं जा पाते हैं. बरसात में पूरा क्षेत्र टापू में तब्दील हो जाता है.
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 6 माह पूर्व ग्रामीण कार्य विभाग के एक ठेकेदार द्वारा यहां छोटी पुलिया का निर्माण शुरू किया गया था. लेकिन नदी की चौड़ाई अधिक होने के कारण ग्रामीणों ने पुलिया की जगह बड़े पुल की मांग की. ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिया का कार्य रोक दिया गया. इसके बाद विभाग के इंजीनियर ने पुनः स्थल का सर्वे किया और माना कि भूपतपुर और बिराज के बीच पुलिया नहीं, बल्कि बड़े पुल का निर्माण जरूरी है.
इस संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि बड़े पुल का प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है. विभागीय स्वीकृति मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर पुल निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा. वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देकर पुल निर्माण शुरू किया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके.
