5.83 करोड़ रुपये से बनेंगे पुल व सड़क

बुधवारा से गेयार तक पक्की सड़क व आरसीसी पुल को मिली स्वीकृति

बुधवारा से गेयार तक पक्की सड़क व आरसीसी पुल को मिली स्वीकृति

ग्रामीणों ने विधायक कामरान का किया भव्य स्वागत

फ़ोटो कैप्शन – गुलाब का फूल देकर विधायक का स्वागत करते छोटे बच्चे

प्रतिनिधि, गोविंदपुर. प्रखंड अंतर्गत बुधवारा पथ से गेयार गांव तक लगभग दो किमी लंबी पक्की सड़क और आरसीसी पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने पर मंगलवार को गेयार गांव में जश्न का माहौल देखने को मिला. सैकड़ों ग्रामीणों ने राजद विधायक मोहम्मद कामरान का फूलों की माला और गुलाब भेंट कर जोरदार स्वागत किया. विधायक मोहम्मद कामरान अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर गेयार पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा एक और वचन पूरा हुआ है. मैंने जो वादा आपसे किया था, उस पर खरा उतरा हूं. मेरे अथक प्रयासों के बाद बुधवारा से गेयार तक पक्की सड़क और आरसीसी पुल की स्वीकृति मिली है. टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा. इस परियोजना पर कुल पांच करोड़ 83 लाख रुपये खर्च होंगे. सड़क और पुल बनने के बाद गेयार और आसपास के गांवों के लोगों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलेगी.

आजादी के बाद पहली बार गेयार तक पक्की सड़क

ग्रामीण सुधीर सिंह, अरविंद कुमार, सुबोध कुमार, जयनंदन सिंह, शंकर राम, विपिन राम, अनीता देवी, रूबी देवी, रेखा देवी, बेबी देवी समेत अन्य ने बताया कि आजादी के बाद से आब तक गेयार तक पक्की सड़क नहीं बनी थी. ग्रामीणों को अब तक कच्चे रास्ते से होकर आना-जाना पड़ता था. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था. बाइक से आवागमन नामुमकिन था. अगर, कोई बीमार पड़ जाता था, तो उसे खाट पर लाना पड़ता था. वह भी बड़ी मुश्किल से. अब पक्की सड़क बनने से परेशानी खत्म होगी. ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है. मौके पर मौजूद लोगों ने जयकारे लगाकर विधायक का आभार जताया. विधायक कामरान ने फिलहाल अपने निजी मद से इस दुर्लभ मार्ग को सुलभ बनाने के लिए ग्रामीणों को आश्वासन दिया है. उम्मीद है कि एक-दो दिन के अंदर इस कार्य को शुरू कर दिया जायेगा.

मृतक के परिवार से मिले, दी आर्थिक सहायता

गेयार गांव का दौरा पूरा करने के बाद विधायक मोहम्मद कामरान बुधवारा पहुंचे और 13 अगस्त को आहार में डूबकर मरे महावीर मांझी की पत्नी कपूरता देवी से मुलाकात की. उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाया और लिफाफे में नकदी राशि देकर आर्थिक सहायता प्रदान की. साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया. कपूरवा देवी ने बताया कि उन्हें अब तक प्रखंड कार्यालय की ओर से पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये की राशि नहीं मिली है. इस पर विधायक ने तत्काल प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र को फोन कर लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. बता दें कि 13 अगस्त को बुधवारा पंचायत के चोखा बांध के पास आहार में डूबने से 45 वर्षीय महावीर मांझी की मौत हो गयी थी.

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Author: JAVED NAJAF

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