नवादा : रजौली के अमावां में दो मुखियाओं की 'ईगो फाइट' में फंसी जनता नाले के बदबूदार पानी से गुजरने को विवश लोग

Nawada Amawa Waterlogging : नवादा जिले के अमावां गांव में दो पंचायतों के बीच समन्वय की कमी के कारण मुख्य सड़क पर गंदा पानी जमा है. छात्र-छात्राओं, महिलाओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने जल्द समाधान की गुहार लगाई है.

Nawada Amawa Wateजार केrlogging : नवादा जिले के रजौली प्रखंड के अमावां गांव में दो पंचायतों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. नाला जाम होने से मुख्य सड़क पर गंदा पानी जमा है, जिससे स्कूली छात्र-छात्राओं, महिलाओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है.

मुख्य मार्ग पर फैला गंदा पानी, लोगों की बढ़ी परेशानी

रजौली प्रखंड के अमावां गांव में अमावां पश्चिमी और पूर्वी पंचायत की सीमा से जुड़े मुख्य मार्ग पर नाले का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है. अमावां बस स्टैंड से बाजार और पूजा स्थलों तक जाने वाले इस रास्ते पर नाले की नियमित सफाई नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है.

छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा असर

जलभराव का सबसे अधिक असर स्कूल और कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है. छात्रा ब्यूटी कुमारी ने बताया कि कोचिंग जाने के दौरान नाले के किनारे बने संकरे हिस्से से गुजरना पड़ता है, जहां फिसलने का खतरा बना रहता है. वहीं अहमदी गांव की छात्रा सरिता कुमारी ने बताया कि कुछ दिन पहले गंदे पानी से गुजरने के दौरान उनकी किताबें और कॉपियां पानी में गिरकर खराब हो गई थीं. इसके बावजूद बच्चों को रोज इसी रास्ते से होकर आना-जाना पड़ रहा है.

दो पंचायतों के बीच जिम्मेदारी को लेकर विवाद

स्थानीय ग्रामीण नवलेश कुमार और सतीश कुमार का कहना है कि समस्या की मुख्य वजह अमावां पश्चिमी और पूर्वी पंचायत के बीच नाले की सफाई को लेकर समन्वय का अभाव है. ग्रामीणों के अनुसार नाला दोनों पंचायतों के क्षेत्र से होकर गुजरता है, लेकिन सफाई की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्ष अलग-अलग दावा कर रहे हैं.

जनप्रतिनिधियों ने रखी अपनी-अपनी दलील

अमावां पूर्वी पंचायत की मुखिया फुलवा देवी के पति उमेश चौधरी का कहना है कि मुख्य नाला पश्चिमी पंचायत का है, इसलिए उसकी सफाई की जिम्मेदारी भी वहीं की है. दूसरी ओर अमावां पश्चिमी पंचायत के मुखिया उपेंद्र यादव का कहना है कि यदि पूर्वी पंचायत अपने हिस्से में सफाई कार्य शुरू करेगी, तभी पश्चिमी पंचायत भी अपने क्षेत्र में नाले की सफाई कराएगी. इसी वजह से नाले की सफाई लंबे समय से नहीं हो सकी है.

बाजार, मंदिर और सैकड़ों परिवार प्रभावित

स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग से करीब 150 से 200 परिवारों की आवाजाही होती है. बाजार, बस स्टैंड और शिवाला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है. महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी पहले भी प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.

बीडीओ ने दिए समन्वय बनाकर सफाई कराने के निर्देश

रजौली के प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि अमावां पूर्वी और पश्चिमी पंचायत के मुख्य बाजार में जलभराव की समस्या की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि दोनों पंचायतों के स्वच्छता पर्यवेक्षक, स्वच्छता कर्मी, मुखिया और पंचायत सचिव को आपसी समन्वय बनाकर नाले की उड़ाही और सफाई जल्द कराने का निर्देश दिया जा रहा है, ताकि लोगों को जलभराव और कीचड़ की समस्या से राहत मिल सके.

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Author: Kr manish dev

Published by: Sakshi Kumari

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