Nawada News : मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के तत्वावधान में मंगलवार को समूह के अंतर्गत संचालित गुरोबिन्दा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं नवादा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में ‘डायबिटीज मेलिटस’ विषय पर शैक्षणिक संगोष्ठी आयोजित की गयी. कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग विद्यार्थियों को मधुमेह के कारण, लक्षण, रोकथाम, उपचार एवं रोग प्रबंधन से संबंधित जानकारी देना था. कार्यक्रम का शुभारंभ मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव डॉ. शैलेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
मधुमेह को लेकर जागरूकता फैलाने पर जोर
इस अवसर पर पूर्व कुलसचिव प्रो. नलिन के. शास्त्री, लर्निंग एंड डेवलपमेंट एक्सपर्ट एवं पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक अजीत सिन्हा तथा प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ एवं पीएमसीएच, पटना के पूर्व प्राचार्य डॉ. चंद्रभूषण कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया. डॉ. शैलेश कुमार ने कहा कि मधुमेह तेजी से बढ़ती जीवनशैली संबंधी स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है. नर्सिंग विद्यार्थियों की जिम्मेदारी केवल मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और अनुशासित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया.
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शिक्षा के साथ स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता जरूरी
प्रो. नलिन के. शास्त्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाना भी है. वहीं, अजीत सिन्हा ने स्वास्थ्य को जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी बताते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की.
टाइप-1, टाइप-2 और जेस्टेशनल डायबिटीज की दी जानकारी
डॉ. चंद्रभूषण कुमार शर्मा ने मधुमेह के चिकित्सकीय पहलुओं की जानकारी देते हुए टाइप-1, टाइप-2 एवं जेस्टेशनल डायबिटीज के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समय रहते मधुमेह की पहचान और उचित प्रबंधन से कई जटिलताओं से बचाव संभव है.
संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को बताया जरूरी
संगोष्ठी में विद्यार्थियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण तथा समय-समय पर रक्त शर्करा की जांच के महत्व की जानकारी दी गयी. तीनों नर्सिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मधुमेह की रोकथाम एवं मरीजों की देखभाल से जुड़ी व्यावहारिक जानकारियां प्राप्त कीं.
शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में गुरोबिन्दा नर्सिंग कॉलेज की ओर से ट्यूटर शोभा कुमारी, शिवानी कुमारी एवं मोती मणि, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन नर्सिंग से निशु कुमारी भारती एवं कुमारी अपर्णा तथा नवादा कॉलेज ऑफ नर्सिंग से प्रीति कुमारी एवं सोना मणि ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया.
स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
संगोष्ठी के समापन पर विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया. कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया गया.
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