धमौल : नोटबंदी से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. धान कटाई के उपरांत गेहूं की बुआई को तैयार किसानों के समक्ष समस्याएं गहराने लगी हैं. नोटबंदी का समर्थन किसानों ने खूब किया, पर अब इन्हें ही परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है. किसानों का मानना है कि नोटबंदी के बाद सरकार के फैसले का खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं. किसान को बीज खरीदने की चिंता है.धान बिक्री के लिए सरकार ने कोई समुचित कदम नहीं उठाया है. अब किसानों के समक्ष यह समस्या उत्पन्न हो गयी है कि आने वाले समय में किस प्रकार कृषि को संरक्षित किया जाये. किसानों ने काफी सहेज कर धान की खेती की.
उपजे धान की खरीद का कोई उपाय नहीं किये जाने के कारण औने-पौने भाव से दुकानदारों के यहां बेचने को विवश हो रहे हैं. मजबूरी है कि उन्हें धान के उपरांत गेहूं की भी बुआई करनी है. किसानों को अभी खेत में काम करना चाहिए था, पर किसान बैंक काउंटर पर कतारबद्ध होकर रुपये की निकासी में लगे हैं. इसका असर खेती पर पड़ रहा है. हालत यह है कि किसानों के समक्ष बीज खरीदने को पैसे नहीं हैं.
