नवादा नगर : शहर में आम लोगों को सुविधा देने के लिए पिछले माह ही सार्वजनिक स्थानों पर नगर पर्षद द्वारा यूरिनल बनवाया गया है. लेकिन, सही तरीके से निर्माण नहीं होने व रखरखाव की व्यवस्था नहीं रहने के कारण बनने के बाद से ही लगभग सभी यूरिनल बेकार हो गये है.
नालियों या किसी दीवार के पास पेशाब करते हुए लोगों को देखा जा सकता है. नगर पर्षद द्वारा आम लोगों की सुविधा के लिए 13 सार्वजनिक स्थानों पर यूरिनल बनवाया गया है, जिससे कि सड़क के किनारे पेशाब करने की नौबत नहीं आयें. नगर पर्षद के इस सकारात्मक सोच के बाद भी पानी निकलने का इंतजाम निर्माण के समय सही ढंग से नहीं होने तथा साफ-सफाई के अभाव में सभी बनाये गये पेशाब घर काम के लायक नहीं रह गये हैं. सही तरीके से पानी का निकास नहीं होने से यूरिनल गंदगी से पटा है.
13 में से नौ करने लगा है काम
नगर पर्षद द्वारा शहरी क्षेत्र में 13 यूरिनल बनाया जाना है, इसमें से अब तक नौ यूरिनल को बना कर तैयार कर लिया गया है. सुविधा देने के लिए बनाये गये इन यूरिनल में सही तरीके से पानी निकलने की व्यवस्था नहीं किये जाने के कारण यह समस्या बनी हुई है. बनने के बाद से ही लगभग सभी स्थानों का यूरिनल गंदा होकर बेकार पड़ा हुआ है.
नगर विकास फंड से कराया जा रहा है निर्माण : नगर पर्षद द्वारा बनाये जाने वाले इन यूरिनलों का निर्माण नगर विकास के फंड से कराया जा रहा है. नाली के ऊपर बनाये गये यूरिनल के लिए 46 हजार रुपये तथा सामान्य स्थानों पर पानी सोखने के लिए शॉकपीट के साथ यूरिनल बनाने में 56 हजार रुपये खर्च किये गये हैं. रुपये खर्च होने के बाद भी इसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. हालांकि, चार स्थानों पर अभी यूरिनल बनाने का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है.
महिलाओं को सुविधा देने का प्रयास: यूरिनल की व्यवस्था नहीं होने से सबसे अधिक समस्या रास्ते में महिलाओं को होती है. सार्वजनिक स्थल पर यूरिनल रहने से महिलाएं इसका लाभ उठा सकतीं हैं.
गांव से आये अथवा मार्केटिंग के लिए निकली महिलाओं के लिए बाजार में कहीं शौचालय की व्यवस्था नहीं थी. बनाये गये यूरिनल इन महिलाओं के लिए काफी सुविधाजनक है, यदि इसका सही से रखरखाव तथा सफाई हो, तो निश्चित ही यह आम लोगों के लिए उपयोगी हो पायेगा.
स्थानीय स्तर पर लोग भी बनाते हैं समस्या : शहरी क्षेत्र में यूरिनल बनाये जाने से कुछ स्थानीय लोगों को होने वाले परेशानी के कारण वे लोग इसे गंदा या निकासी के रास्ते को ढंक देते हैं, इस कारण भी गंदगी बढ़ती है. सिविल कोर्ट के पास आदि कुछ स्थानों पर बनाये गये यूरिनल के पास पहले से ठेला लगाने का काम किया जाता था, इस कारण जान बुझा कर भी इन स्थानों के यूरिनल को गंदा कर दिया जाता है, ताकि लोग इसके इस्तेमाल के लिए नहीं जायें.
क्या कहते हैं अधिकारी
सभी बनाये गये यूरिनल में पानी निकासी की व्यवस्था की गयी है. छोटे ईंट के टुकड़े या प्लास्टिक के कारण नाली का मुंह जाम हो गया होगा, जिससे पानी की निकासी नहीं होने से गंदगी है. सफाई कर्मियों को सख्ती से आदेश दिया गया है कि एक सप्ताह से 15 दिनों में एक बार अच्छी तरह से इसकी सफाई अनिवार्य रूप से किया जाये. सभी यूरिनल को जनवरी तक शुरू कर लिये जाने की संभावना है.
केके सिन्हा, कनीय अभियंता, नगर पर्षद
