तिलैया जंकशन की सुरक्षा भगवान भरोसे

आये दिन हो रही वारदातों से भी नहीं चेत रहा प्रशासन हिसुआ : रविवार को रात के करीब 12 बजे लुटेरों ने एक यात्री को लूट लिया. लूटे-पीटे बेचारे की स्थिति इतनी खराब थी कि वह अपना नाम व पता बताने से कतरा रहा था. यह कोई एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि यह […]

आये दिन हो रही वारदातों से भी नहीं चेत रहा प्रशासन

हिसुआ : रविवार को रात के करीब 12 बजे लुटेरों ने एक यात्री को लूट लिया. लूटे-पीटे बेचारे की स्थिति इतनी खराब थी कि वह अपना नाम व पता बताने से कतरा रहा था. यह कोई एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि यह जंकशन पर हो रहे अपराधों की नियमित श्रृखंला की एक कडी है. गया-किऊल रेलखंड के तिलैया जंकशन का इलाका अपराधियों का सुरक्षित पनाहगार बना हुआ है. आये दिन हत्या कर जंक्शन के आस-पास ही फेंक देना आम बात हो गयी है. अपेक्षाकृत ज्यादा चहल-पहल वाले इलाके में इस तरह के वारदातों का झंडी लगना कई तरह के सवाल खड़े करता है. प्रशासनिक दुविधा अपराधियों के लिए सबसे शॉफ्ट कार्नर प्रदान करता है.
दरअसल जंकशन के आसपास तीन थाने की सीमा लगती है. पुलिस इसी दुविधा में कोताही बरतने का बहाना के तौर पर इस्तेमाल करती है. इस इलाके की अनदेखी करती है. इससे बेखौफ अपराधी इस इलाके को वारदातों के लिए सेफ जोन मानते हैं. इसके अलावा जंकशन परिसर जीआरपी के अधिकार क्षेत्र में आता है.
इसकी उपस्थिति न के बराबर है. लोगों के अनुसार जीआरपी के लोग सिर्फ दुकानदारों व मजदूर पलायन कराने वाले माफिया से वसूली के लिए ही आते हैं. कई सुदूर क्षेत्रों से भी आकर यहां घटना को अंजाम दिया जाता है. पिछले दिनों रेलवे गुमटी, आउटर सिगनल, पाली बधार यहां तक की जंक्शन के प्लेटफाॅर्म पर भी हत्या कर शव को फेंका पाया गया है. वारदातों की इस श्रृंखला से लोग सकते में हैं.
यात्री देर रात जंकशन पर उतरने से कतराने लगे हैं. बारत पंचायत के मुखिया व सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैया कुमार बादल ने बताया कि लाख दावे के बावजूद प्रशासनिक उदासीनता से आमजनों में आक्रोश व्याप्त है. पिछले दिनों सहवाजपुर सराय के एक युवक की हत्या के बाद यह आक्रोश बड़ा बवाल बन कर फूटा था. अगर जल्द ही कोई कारगर कदम नहीं उठाये गये तो जन आंदोलन खड़ा कर प्रशासन के नाक में दम कर दिया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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