पार्षदों ने जिला प्रशासन पर लगाया असहयोग का आरोप
नवादा सदर : शहर के अस्पताल रोड स्थित हाट पर नगर पर्षद की ओर से 20 वर्ष पहले एक मार्केट काॅम्पलेक्स का निर्माण कराया गया था. घटिया गुणवत्ता के कारण निर्माण के एक साल बाद ही भवन गिरने लगा. ठेकेदार द्वारा भवन के निर्माण के बाद भी नगर पर्षद को सौंपा नहीं गया. इसके कारण नगर पर्षद बदहाल हो रहे मार्केट काॅम्पलेक्स को सुधार नहीं कर पाया. लगभग 22 लाख रुपये की लागत से तैयार हुए इस मार्केट काॅम्पलेक्स इन दिनों जुआरी व गलत कार्यों का अड्डा बना हुआ है.
भवन निर्माण विभाग की ओर से बना था काॅम्पलेक्स : नगर पर्षद के अधीन इस मार्केट काॅम्पलेक्स का निर्माण भवन निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था. घटिया गुणवत्ता की जब जांच शुरू हुई तो कोई भी सामने नहीं आया. सबने हाथ खड़ा कर दिया. नगर पर्षद की बोर्ड की कई बैठकों में पुराने मार्केट कॉम्प्लेक्स भवन को तोड़ कर नया काॅम्पलेक्स भवन बनाने का प्रस्ताव लाया गया. भवन निर्माण विभाग की ओर से जर्जर हो चुके भवन को ध्वस्त करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र कब का दिया जा चुका है. लेकिन जिला प्रशासन की ओर से भवन को ध्वस्त करने संबंधी आदेश नहीं दिये जाने के कारण नगर पर्षद का मार्केट काॅम्पलेक्स जर्जर के साथ असामाजिक तत्वों का अड्डा बना हुआ है.
असामाजिक तत्वों का रहता है जमावड़ा :नगर पर्षद के भूभाग पर बने पुराने मार्केट काॅम्पलेक्स भवन को ध्वस्त नहीं किये जाने से वहां पर जुआ, ताश खेलने वालों की भीड़ लगी रहती है. साथ में रात के अंधेरे के गलत कार्य को भी अंजाम दिया जाता है. कुछ लोगों का मानना है कि शहर में कोई भी घटना को अंजाम देकर अपराधी यहीं छुप जाते हैं. पुलिस भी ऐसे स्थान की तलाश नहीं कर पाती है. यहां गांजा, बीड़ी, सिगरेट पीने वालों की भीड़ भी लग जाती है.
