लापरवाही. पावर सब स्टेशन में गड़बड़ियों पर ध्यान नहीं देने से समस्या गहरायी
बारिश शुरू होते ही शहर में बिजली की आपूर्ति ठप हो जाती है. आंधी आने पर भी बिजली गुल हो जाती है. विभाग द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर बड़े-बड़े दावे किये जाते हैं, लेकिन हालत में बदलाव नहीं दिख रहा है.
नवादा (नगर) : बिजली सप्लाइ में गड़बड़ी यहां की पहचान बन गयी है. हल्की बारिश व तेज हवाओं के समय बिजली बाधित होना मानो स्थायी समस्या बन गयी है. बिजली विभाग सुधार की बात कह कर सप्लाइ व्यवस्था को बेहतर करने की बात तो करती है, लेकिन वास्तविकता में समस्या और गहराता जा रहा है. जिला मुख्यालय में हल्की बारिश के बाद ही घंटों के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है. पावर सब स्टेशन में आयी छोटी-मोटी गड़बड़ी पर ध्यान नहीं दिये जाने के कारण ही समस्या बड़ी होती जाती है. बरसात के दिनों में होनेवाली छोटी-मोटी खराबी भी ठीक नहीं हो पाती है.
लगातार फॉल्ट, जंफर कटने, तार सटने, शॉर्ट लगने की समस्या बनी रहती है. मंगलवार को हुई बारिश के बाद मुख्यालय के अधिकतर स्थानों की बिजली गुल है. लगातार बारिश से लोग घर से निकल नहीं पा रहे हैं, ऐसे में बिजली नहीं रहने पर परेशानी लोगों की बढ़ गयी है. विभाग के अधिकारियों के पास इससे जुड़े जवाब नहीं मिलता है. एक-दूसरे पर टालने या मामलों का निबटारा करने की बात कहते हैं.
पावर सब स्टेशनों से समस्या : शहरी क्षेत्र में बिजली सप्लाइ के लिए बने पावर सब स्टेशनों का ब्रेकर व अन्य उपकरण सही से काम नहीं करने के कारण भी इस प्रकार की समस्या होती है. तार में फाल्ट आने के बाद समय पर ट्रिप नहीं करने के कारण विद्युत आपूर्ति में बाधा के साथ ही दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है. पावर सब स्टेशन में आयी छोटी-मोटी गड़बड़ी पर ध्यान नहीं दिये जाने के कारण ही समस्या बड़ी होती जाती है.
तार की स्थिति जर्जर : शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पावर सप्लाइ के लिए 11 हजार व 440 वोल्ट के तार की हालत बेहद ही खराब है. तारों की सही रखरखाव नहीं होने के कारण अक्सर तार टूटने, जंफर कटने, फेज उड़ने, शॉट लगने आदि की समस्याएं आते रहती है. बरसात के दिनों में यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है. बारिश के समय खासकर रात में तार में खराबी आने पर पूरे रात भर के लिए लाइट कट जाती है. विभागीय अधिकारी दावे तो बहुत करते हैं,
लेकिन इसका परिणाम धरातल पर नहीं दिख रहा है. सड़कों व गलियों से गुजरे जर्जर तार कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है. अांबेडकर नगर मुहल्ले में तो 33 हजार के हाइ पावर का जर्जर तार केवल 8-10 फुट की ऊंचाई से गुजरा है. दुर्घटना को आमंत्रण देता यह तार कभी भी जिले के बड़े हादसे का कारण बन सकता है.
आये दिन तार सटने व शॉर्ट लगने की समस्या से परेशान हैं शहरवासी
तार के पास पेड़ों की हो रही छंटाई
तार पर पेड़ों की डाल या टहनियां टूट कर गिरने या तार से टकरा जाने के कारण बिजली आपूर्ति हमेशा प्रभावित होती है. इसे दूर करने के लिए सड़कों के किनारे लगे पेड़ों की छटाई बिजली विभाग द्वारा करायी जा रही है. नगर से गुजरे तार को गांधी स्कूल के पास, स्टेडियम के पास, विजय सिनेमा के पास, खुरी नदी के किनारे सहित अन्य वैसे सभी स्थान जहां पर पेड़ों की टहनियां तार के पास है या सट रहे हैं, इसकी छंटाई की जा रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी
बिजली आपूर्ति सही ढंग से हो इसका हर संभव प्रयास किया जाता है. बड़ा फॉल्ट आने पर शट डाउन कर मरम्मत करते है. कुछ तकनीकी खराबी बारिश के कारण बढ़ जाती है. इसे भी जल्द से जल्द ठीक कराने का काम होता है.
अनिल कुमार भारती, सहायक अभियंता सप्लाइ
