पथरा इंगलिश में घटना का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री व विपक्ष के नेता डॉ प्रेम कुमार, कहा
48 घंटे के अंदर नहीं हुई कार्रवाई, तो होगा आंदोलन : डॉ प्रेम कुमार
नवादा कार्यालय : नवादा के पथरा इंगलिश में हुई घटना स्थानीय प्रशासन की विफलता है. ऊपर से जिला प्रशासन ने मीडिया से जो बातें कही है वह लालू-नीतीश की भाषा है. सरकार और प्रशासन दोनों संवेदनहीन बने हुए हैं. आठ दिनों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होना, पीड़ित परिवारों को कोई मुआवजा नहीं मिलना जैसी प्रशासनिक लापरवाही सरकार व प्रशासन के दोहरे चरित्र को बायां करता है. राज्य में जंगलराज-टू का दौर चल रहा है.
यह बातें स्थानीय सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार को नवादा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पथरा इंगलिश गांव में पीड़ित परिवारों से मिलने के दौरान कहीं. उनके साथ आये विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि 48 घंटे के अंदर अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इनकी पार्टी आंदोलन करेगी. इस घटना की आवाज सड़क से सदन तक उठेगी. उन्होंने कहा कि गांव में एक पक्ष के लोगों ने तांडव मचाया है.
यह सब स्थानीय थानाध्यक्ष की मिलीभगत के कारण संभव हो सका है. दुर्भाग्यपूर्ण तो यह है कि इसके बाद जिला प्रशासन समय रहते समुचित कार्रवाई नहीं कर सकी. उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई घटनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार विधि व्यवस्था के मामले में फेल हो चुकी है. अपराधियों का समय फिर लौटा है. तेजी से हो रही अपराधिक घटनाएं लोगों को जंगलराज का अहसास कराने लगा है. नवादा की घटना को उन्होंने पुलिस की संलिप्तता बताया है. स्थानांतरित किये जा चुके मुफस्सिल थाने के एसएचओ को बर्खास्त करने की मांग की है. घटना के बाद दूसरे दिन एक पक्ष के लोगों को अस्पताल में भरती कराकर फर्जी एफआइआर दर्ज कराने के मामले में
पूरी तरह एसएचओ राजेश रंजन की भूमिका बतायी. इधर, केंद्रीय राज्यमंत्री व स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि जिस हैवानियत के साथ लोगों ने हमला किया है, यह साजिश है. इसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध है. एसएचओ को हटा कर प्रशासन ने अपनी संलिप्तता स्वीकारी है. सरकार को पथरा इंगलिश के लोगों को न्याय देना होगा. वास्तविक आरोपियों को जेल भेजना होगा. पीड़ित परिवारों को समुचित राहत मुहैया करानी होगी.
अन्यथा हमें अनशन का रास्ता अपनाना होगा. गौरतलब है कि 22 मई को चुनाव के दौरान बोगस मतदान करने से रोकने पर एक वर्ग विशेष के लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों को बूरी तरह पीटा, घर में घूसकर लूटपाट की, महिलाओं के अस्मत से खिलवाड़ किया. इस घटना में कई लोग जख्मी हुए. घटना को सामूहिक रूप से अंजाम देने के कारण आम लोगों में प्रशासन व पुलिस के प्रति रोष है. इस दौरान भाजपा के जिला संयोजक अरविंद शर्मा, महिला मोरचा की प्रदेश मंत्री इंदू कश्यप, हिसुआ के विधायक अनिल सिंह, वारिसलीगंज की विधायक अरुणा देवी, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष शशिभूषण कुमार बबलू, सांसद प्रतिनिधि संतोष कुमार, बिट्टू शर्मा, विरेंद्र सिंह आदि मौजूद थे.
