आम उपभोक्ताओं के कुटिर उद्योग पर भी असर
धमौल : बिजली व्यवस्था में सुधार लाने व हर गांव में बिजली मुहैया कराने के सरकारी दावे तो किये जा रहे है, पर सच्चाई इससे अलग है़ विभागीय उदासीनता के कारण बाधित हो रही बिजली आपूर्ति से उपभोक्ता काफी नाराज हैं. उपभोक्ताओं कि मानें तो तीन दिनों से बिजली व्यवस्था चरमरायी है़ इसका प्रभाव कुटीर उद्योगों व बिजली पर आधारित कार्यों पर पड़ रहा है़ निरंतर बिजली के गायब रहने से उपभोक्ताओं में काफी मायूसी है़ इस बाबत बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, तो उनका मोबाइल बंद रहता है.
जानकारी के अनुसार, तार के जर्जर रहने की वजह से थोड़ी तेज हवा चलने पर तार आपस में चिपक जाते हैं. इसके कारण लाइन ट्रिप कर जाने से बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब भी बिजली बाधित रहने संबंधी जानकारी के लिए एसडीओ अमित कुमार व विभाग के किसी भी अधिकारी से बात की कोशिश की जाती है, तो वे मोबाइल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझते है़ं इधर, एसडीओ अमित कुमार ने बताया कि जर्जर तार रहने की वजह से आंधी में अधिकतर तार आपस में चिपक जाते है़ं
इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है़ जल्द ही जर्जर तार बदल दिये जायेंगे. इसके लिए वरीय अधिकारी को लिखा गया है.
