नरसंहार व पहाड़ अवैध उत्खनन में भी चर्चित रहे हैं राजबल्लभ

– 2006 में बालू घोटाले के आरोप में भी बढ़ी थीं मुश्किलें – 1993 में विधायक पर अल्पसंख्यक महिला के साथ भी दुष्कर्म के लगे थे आरोप नवादा (सदर). जातीय उन्माद के लिए चर्चित रहे नवादा जिले में अपसढ़ नरसंहार व पहाड़ों के अवैध उत्खनन के मामलों में भी स्थानीय विधायक राजबल्लभ प्रसाद का नाम […]

– 2006 में बालू घोटाले के आरोप में भी बढ़ी थीं मुश्किलें
– 1993 में विधायक पर अल्पसंख्यक महिला के साथ भी दुष्कर्म के लगे थे आरोप
नवादा (सदर). जातीय उन्माद के लिए चर्चित रहे नवादा जिले में अपसढ़ नरसंहार व पहाड़ों के अवैध उत्खनन के मामलों में भी स्थानीय विधायक राजबल्लभ प्रसाद का नाम चर्चित होकर उभरा था. जनता दल के टिकट पर विधायक बननेवाले राजबल्लभ प्रसाद का नाम वर्ष 2000 में हुए अपसढ़ नरसंहार में भी उभरा था. सत्ताधारी दल के विधायक होने के नाते उन्हें इसका लाभ भी मिला था. साक्ष्यों के अभाव में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया था. राजबल्लभ प्रसाद शुरू से ही जिले में दबंग विधायक की छवि के साथ राजनीति कर रहे हैं.
पिछले 10 वर्षों में सत्ता से दूर रहने के बाद भी राजबल्लभ प्रसाद प्रदेश में चर्चित नेता के रूप में हमेशा से रहे हैं. वर्ष 2006 में भी बालू घोटाले के आरोप में एक तरफ जहां तत्कालीन विधायक कौशल यादव के आवास पर छापेमारी की गयी, तो दूसरी तरफ पथरा इंग्लिश स्थित राजबल्लभ प्रसाद के आवास पर भी अधिकारियों की टीम छापेमारी कर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी थी. भले ही छापेमारी के दौरान जांच टीम को कुछ हाथ न लगा हो.
राजबल्लभ प्रसाद प्रदेश भर में दबंग विधायक के रूप में जाने जाते हैं. वर्ष 1993 में अल्पसंख्यक महिला जैबु निशा के साथ भी दुष्कर्म के आरोप राजबल्लभ प्रसाद पर लगे थे. इसी आधार पर मसीहउद्दीन के नेतृत्व में एक टीम ने जनता दल अध्यक्ष से मिलकर वर्ष 1995 के चुनाव में पार्टी के टिकट से वंचित करवा दिया था. टिकट कटने के बाद राजबल्लभ प्रसाद छाता छाप पर चुनाव लड़ कर जीत दर्ज की थी. जैबु निशा के साथ दुष्कर्म मामले में भी राजबल्लभ प्रसाद बरी हो चुके हैं. इस दौरान भी उन्हें काफी फजीहत का सामना करना पड़ा था. हालांकि, राजबल्लभ प्रसाद पर लगे कई आरोप प्रमाणित नहीं हो पाये हैं.
अधिकांश मामलों में वे बरी हो चुके हैं. पहाड़ के अवैध उत्खनन का मामला नीतीश सरकार के द्वितीय कार्यकाल में भी उठा था. इससे उस समय भी उनकी मुश्किलें बढ़ी थी. इधर, राजबल्लभ प्रसाद के रिश्तेदार व भदोखरा पंचायत के मुखिया अशोक यादव कहते हैं कि राजबल्लभ प्रसाद इस मामले में भी बरी होकर निकलेंगे. उन्हें पुलिस और अदालत पर भरोसा है. विपक्षी की ओर से रची गयी साजिश का वे शिकार हो रहे है. पर, ग्रहण जल्द ही छंट जायेगा.

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