कपड़ों पर लगे वैट के खिलाफ दायर की जनहित याचिका

नवादा कार्यालय : राज्य सरकार द्वारा विविध प्रकार के कपड़ों पर पांच प्रतिशत की दर से लगाये गये वैट के खिलाफ जिले के अधिवक्ता दिलीप कुमार ने पटना उच्च न्यायालय में पांच फरवरी को जनहित याचिका दायर किया है. इंकम टैक्स व वैट प्रैक्टिसनर दिलीप कुमार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत मामला […]

नवादा कार्यालय : राज्य सरकार द्वारा विविध प्रकार के कपड़ों पर पांच प्रतिशत की दर से लगाये गये वैट के खिलाफ जिले के अधिवक्ता दिलीप कुमार ने पटना उच्च न्यायालय में पांच फरवरी को जनहित याचिका दायर किया है.
इंकम टैक्स व वैट प्रैक्टिसनर दिलीप कुमार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत मामला उठाते हुए 13 जनवरी, 2016 को जारी प्रधान सचिव, वाणिज्य कर विभाग, बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या आठ को चुनौती दी है. बताया है कि बिहार वैल्यु एडेड टैक्स अधिनियम, 2005 की धारा सात में वस्त्रों से जुड़े प्रावधान है, इसमें 61 (1) व (2) का हवाला देते हुए कॉटन, रेयान, फ्लैक्स, कृत्रिम व प्राकृतिक धागों से बने कपड़ों पर एक अप्रैल, 2005 से कोई कर नहीं था.
साथ ही वाणिज्य कर विभाग के प्रधान सचिव ने बिहार वैल्यु एडेड टैक्स अधिनियम, 2005 की धारा 99 की अवहेलना की गयी, इसके तहत अधिसूचना को बिहार विधान मंडल को 14 दिनों की अवधि के अंदर भेजा जाना था, जिसका उल्लंघन किया गया. साथ ही पूरे देश में टैक्सटाइल्स वस्त्रों पर वैट नहीं है.
रोटी, कपड़ा व मकान जैसे आधारभूत जरूरत पर सरकार को कल्याणकारी राज्य की नीति का पालन करना चाहिए. कपड़ों पर कर लगाकर सरकार ने आम-आदमी से जुड़े मुद्दे को प्रभावित किया है. इससे समाज का एक बड़ा वर्ग धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध जता रहा है. जिले के शोभ मंदिर के पास हनुमान नगर निवासी दिलीप कुमार ने आम आदमी सहित कपड़ा व्यवसायियों को भी कपड़ों पर लगे कर की वापसी को लेकर एक उम्मीद जगा दी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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