परिजनों ने चिकित्सक व कर्मचारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप
हर माह हो रही चार या पांच मरीजों की मौत
नवादा (सदर) : सदर अस्पताल में बरती जा रही लापरवाही के कारण महिला मरीजों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. मरीजों के परिजनों द्वारा हंगामा किये जाने के उपरांत जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कोई कारगर कदम नहीं उठा रहे है. इसका परिणाम है कि सदर अस्पताल में हर सौ प्रसूता महिलाओं में अमूमन एक की मौत हो रही है. आंकड़े पर नजर डाले तो हर माह चार से पांच प्रसूता की मौत प्रसव के दौरान हो रही है.
सोमवार को भी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने से एक महिला की मौत हो गयी. गौरतलब है कि नवीन नगर निवासी टनटन सिंह की पत्नी स्वेता कुमारी की पेट में पल रहे बच्चे सहित मौत हो गयी. टनटन ने पत्नी को डिलिवरी के लिए रविवार की रात 10 बजे सदर अस्पताल में भरती कराया था. परिजनों ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात डाॅ स्वीटी कुमारी ने नॉर्मल डिलिवरी कराने की बात कहीं. इसके उपरांत दो बजे के बाद स्वेता की बेचैनी बढ़ने लगी.
डॉक्टर की सलाह पर परिजनों ने अस्पताल के बाहर से भी खरीद कर कई दवाओं को उपलब्ध कराया. परंतु, चिकित्सकों व स्वास्थय कर्मियों द्वारा समय पर स्वेता की देख-भाल नहीं किये जाने के कारण डिलिवरी से पहले ही प्रसूता ने दम तोड़ दिया. हालांकि, इस घटना के बाद परिजनों ने किसी प्रकार का हंगामा नहीं किया, लेकिन चिकित्सकों व कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप जरूर लगाया. परिजनों ने कहा कि निश्चित समय पर स्वेता की देख-रेख होता तो जच्चा-बच्चा दोनों को बचाया जा सकता था.
