कम पढ़ें, पर स्मार्टली पढ़े

कम पढ़ें, पर स्मार्टली पढ़े नयी प्रतिभाओं को विश्वास के साथ आगे बढ़ने का दिखाया मार्ग आइआइटीयन रितेश ने लगाया वर्कशॉपप्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल में आयोजित हुआ कार्यक्रमफोटो-6प्रतिनिधि, नवादा (नगर)अधिक मेहनत करनेवाला ही सफल नहीं होता, बल्कि सही दिशा में स्मार्ट तरीके से तैयारी करने वाले भी सफलता के कदम चुमता है. यह बातें आइआइटीयन […]

कम पढ़ें, पर स्मार्टली पढ़े नयी प्रतिभाओं को विश्वास के साथ आगे बढ़ने का दिखाया मार्ग आइआइटीयन रितेश ने लगाया वर्कशॉपप्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल में आयोजित हुआ कार्यक्रमफोटो-6प्रतिनिधि, नवादा (नगर)अधिक मेहनत करनेवाला ही सफल नहीं होता, बल्कि सही दिशा में स्मार्ट तरीके से तैयारी करने वाले भी सफलता के कदम चुमता है. यह बातें आइआइटीयन रितेश कुमार ने सोमवार को प्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल में आयोजित वर्कशॉप में कहीं. कार्यक्रम में नौवीं-10वीं कक्षा की छात्राओं को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव व सलाह दिये गये. ‘ए सोशल इनिशियेटिव वाइ आइआइटियन रितेश’ द्वारा आयोजित वर्कशॉप में रितेश ने कहा कि हम सभी विद्यार्थी एक बीज की तरह है. इनमें से कैसे पौधे निकलेंगे यह कह पाना मुश्किल होता है. लेकिन, सही देख-रेख व नियत समय पर नियमानुकूल किये गये कार्य के बल पर एक बड़े वृक्ष के रूप में वह बीज परिणत होता है. हमलोगों में असीम क्षमता है. इसकी पहचान करने भर की जरूरत है. उन्होंने आइआइटी के बाद जीवन के दूसरे क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने वाले कई लोगों का उदाहरण देते हुए बताया कि वे लोग भी नीचले स्तर से पढ़ाई कर आज बड़े मुकाम पर पहुंचे हैं. उन्होंने गुगल के सीइओ सुंदर पिचाई व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उदाहरण देते हुए बताया कि इन्होंने भी आइआइटी के लिए काफी मुश्किलों से गुजर कर तैयारी किया और भी बेहतर मुकाम पर हैं. उन्होंने कहा कि हम कम ही पढ़े लेकिन स्मार्टली पढ़ें, ताकि जिस विषय को हमने पढ़ा है, उससे संबंधित यदि कोई प्रश्न पूछे जाते है, तो सटीक जवाब दे सके.नि:शुल्क करायी जायेगी तैयारीआइआइटीयन रितेश कुमार ने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ नवादा के बच्चों को मुफ्त में आइआइटी के लिए तैयारी करायेंगे. वह जरूरी टिप्स देंगे. बच्चे प्लान वे में यदि तैयारी करेंगे तो डेढ़-दो घंटे का क्लास भी उन्हें सफल होने में मददगार साबित होंगे. रितेश ने कहा कि वह साल में कॉलेज या जॉब से डेढ़ से दो महीनें समय निकाल कर नवादा के विद्यार्थियों के लिए गणित, रसायन, भौतिकी जैसे विषयों के कठिन प्रश्नों को स्मार्ट तरीके से हल करने के गुर बतायेंगे. इसके बाद अन्य आइआइटीयन दोस्तों की मदद से नवादा में नियमित क्लास चलाने की व्यवस्था करेंगे. उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को तैयारी कराने में हर संभव मदद करनी चाहिए.प्रश्नोत्तरी का हुआ कार्यक्रमवर्कशॉप में छात्राओं को आइआइटी जैसे बड़े संस्थानों से जुड़ने के लिए बेहतर तैयारी करने के लिए प्रेरित किया गया. उन्होंने कहा कि यदि जिन्होंने देश के बड़े संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने का मौका नहीं पाया है वह आइआइटी जैसे बड़े संस्थानों के बारे में बेहतर तरीके से नहीं बतला सकते हैं. इन संस्थानों में समाज का महत्वपूर्ण वर्ग तैयार किया जाता है. कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा पूछे गये प्रश्नों का जवाब भी दिया व स्कूल की छात्राओं को विषय की पढ़ाई के साथ आइआइटी की तैयारी करने की सलाह दिया. प्लान वे में पढ़ने की जरूरतवर्कशॉप में प्लान वे में पढ़ाई करने के कई तरीके बताये गये. आइआइटीयन रितेश कुमार ने कहा कि बच्चों के बीच 135 अंकों की परीक्षा आयोजित की गयी थी. इनमें से सबसे अधिक अंक लानेवाले विद्यार्थी ने 51 अंक ही हासिल किया है. स्मार्ट वर्क के साथ प्लान वे में पढ़ाई करने से अधिक सफलता मिलने की संभावना होती है. लेवर की तरह अधिक मेहनत करने से ही सफलता मिलती तो मजदूर ही दुनिया के सबसे सफल व्यक्ति होते. प्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल में आयोजित वर्कशॉप में स्कूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य सुरेश प्रसाद सिंह, वर्तमान प्राचार्य अनिल कुमार सिन्हा, डॉ मदन कुमार, शिवकुमार प्रसाद आदि सक्रियता पूर्वक जुटे रहे. सुरेश प्रसाद सिंह व डॉ मदन कुमार ने भी अपनी बातों से बच्चों का मार्गदर्शन किया व कठिन परिश्रम कर जीवन में आगे बढ़ने की बात कही.

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