सेवाभाव से ही भक्त का कल्याण : प्रभंजनानंद

सेवाभाव से ही भक्त का कल्याण : प्रभंजनानंद फोटो-7प्रतिनिधि, वारिसलीगंजभक्त के वश में तो भगवान होते हैं. भजन करने वाले भक्त को ही भगवान का दर्शन होता है. सेवाभाव से किया गया कार्य से ही भक्त का कल्याण होता है. कल्याण के लिए भक्त को भाव सहित कर्म करने की जरूरत है. ये बातें सियाराम […]

सेवाभाव से ही भक्त का कल्याण : प्रभंजनानंद फोटो-7प्रतिनिधि, वारिसलीगंजभक्त के वश में तो भगवान होते हैं. भजन करने वाले भक्त को ही भगवान का दर्शन होता है. सेवाभाव से किया गया कार्य से ही भक्त का कल्याण होता है. कल्याण के लिए भक्त को भाव सहित कर्म करने की जरूरत है. ये बातें सियाराम किला के संत श्री श्री 108 प्रभंजनानंद जी महाराज ने नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन रविवार को शहर के सूर्य मंदिर मैदान में कही. उन्होंने कहा कि भक्त हनुमान का सेवाभाव के कारण ही आज सब लोग उन्हें पूजते हैं. अगर हनुमान में भगवान श्रीराम के प्रति सच्ची श्रद्धा व सेवाभाव नहीं होता तो भगवान इनसे खुश नहीं होते. उन्होंने प्रवचन के दौरान कहा कि वाल्मीकि ने लव-कुश को कथा-पाठ सिखाया था. इस कारण अयोध्या के राजा भगवान राम के दरबार में लव-कुश ने सबों के सामने वाल्मीकि द्वारा रचित कथा को सुनाया. इसे सुनकर उपस्थित लोग आचंभित हो रहे थे. श्रीराम कथा को सफल बनाने को लेकर संयोजक डाॅ गोविंद जी तिवारी, सदस्य डाॅ हरेराम, शंकर कुमार, अमन कुमार सहित अन्य लोग सक्रिय थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >