शुरू हो गया बधाईयों का सिलसिला काशीचक. नववर्ष को लेकर लोगों ने तरह-तरह की तैयारी की है. लोगों ने अलग-अलग तरीके से बधाई देने का रास्ता अपनाया है. रात के 12 बजते ही बधाईयां देने का दौर शुरू हो गया है. युवाओं ने ईमेल, व्हाट्सएप, ट्वीटर आदि साईटों का इस्तेमाल कर नववर्ष का संदेश भेजते हों. वर्ष 2015 को अलविदा कहने और 2016 को स्वागत करते हुए बधाई देकर खुशी का इजहार किया है. डाकिया मुकेश कुमार ने बताया कि एक समय था कि पोस्ट ऑफिस के सहारे महीनों पूर्व से ही बैरन, फिर ग्रीटींग कार्ड से लोग नये साल की बधाई भेजते थे. इसमें अब काफी कमी आ गयी है. इसका मुख्य कारण मोबाईल नेटवर्किंग का छा जाना हो गया है़ नये साल को लेकर बच्चे भी देर रात ही जाग कर अपने पापा, दादा, दादी को मधुर आवाज से बधाईयां देते हैं. बाजार के चौक चौराहे पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विद्यालय परिवार व अन्य संस्थाओं द्वारा पोस्टर बैनर के माध्यम से क्षेत्र वासियों को नये साल की बधाई दे रहे हैं.
शुरू हो गया बधाईयों का सिलसिला
शुरू हो गया बधाईयों का सिलसिला काशीचक. नववर्ष को लेकर लोगों ने तरह-तरह की तैयारी की है. लोगों ने अलग-अलग तरीके से बधाई देने का रास्ता अपनाया है. रात के 12 बजते ही बधाईयां देने का दौर शुरू हो गया है. युवाओं ने ईमेल, व्हाट्सएप, ट्वीटर आदि साईटों का इस्तेमाल कर नववर्ष का संदेश भेजते […]
