वारिसलीगंज : प्रखंड क्षेत्र के गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वालों की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है. इनकी योजनाओं पर आज भी बिचौलिया हावी है. प्रशासनिक आंकड़ों में भले ही उन लोगों को योजनाओं का लाभ दिये जाने की बात कही गयी है, लेकिन सच्चई कुछ और ही है.
इतना ही नहीं राज्य व केंद्र सरकार प्रत्येक बीपीएल परिवारों को स्वरोजगार देकर एपीएल में शामिल करने की कोशिश में लगी है. बावजूद उनकी संख्या घटने के बजाय बढ़ती जा रही है.
सूत्रों की अगर मानें तो गरीबी रेखा से नीचे वालों की संख्या दिनों दिन बढ़ने के कारण योजनाएं विफल हो रही है. इतना ही नहीं एपीएल में शामिल लोग लाभ शुभ के आधार पर बीपीएल में शामिल हो रहे हैं. यही कारण है कि दिनों दिन उनकी संख्या बढ़ रही है. प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रही है.
