पोषण पखवारा : बच्चों को मोबाइल और जंक फूड से दूर रखने की अपील
Nawada news. पोषण पखवारे के अंतर्गत प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर मंगलवार को जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया.
फ़ोटो- खेल-खेल में बच्चों को शिक्षा देती सेविका.3 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनवाड़ी भेजने और खेल-खेल में शिक्षा देने पर जोर
गर्भवती और धात्री माताओं को बताया गया लू और डायरिया से बचाव का तरीका
प्रतिनिधि, नरहट
मंगलवार को पोषण पखवारे के अंतर्गत प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया. सीडीपीओ ज्योति सिन्हा के निर्देशानुसार महिला पर्यवेक्षिका माधवी कुमारी एवं सेविकाओं ने पोषक क्षेत्र के लाभुकों को बेहतर स्वास्थ्य और बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूक किया. अभिभावकों को संबोधित करते हुए महिला पर्यवेक्षिका ने अपील की कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजें. उन्होंने समझाया कि 6 वर्ष की आयु से पहले औपचारिक स्कूल भेजने से बच्चों पर होमवर्क और आने-जाने का बोझ बढ़ जाता है, जो उनके मानसिक विकास को प्रभावित कर सकता है. आंगनबाड़ी में बच्चों को खेल-खेल में सीखने का स्वाभाविक माहौल मिलता है.
पोषण के ””पांच सूत्र”” और सावधानी
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को जंक फूड और मोबाइल स्क्रीन की लत से दूर रखने पर विशेष जोर दिया गया. सेविकाओं ने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और पारंपरिक खेलों के महत्व को रेखांकित किया. इस अवसर पर पोषण संबंधी ””5 सूत्र”” की जानकारी दी गयी. साथ ही गर्भवती एवं धात्री माताओं को एनीमिया (खून की कमी) से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता, और भीषण गर्मी में लू व डायरिया से सुरक्षित रहने के उपाय विस्तार से बताये गये.
खिलौने उपहार में देने की अपील
केंद्रों पर बच्चों की शिक्षा को और रोचक बनाने के लिए पुराने खिलौने, विशेषकर हाथ से बने शैक्षणिक खिलौनों को उपहार स्वरूप देने की अपील की गई. इसका उद्देश्य बच्चों को नए तरीकों से स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करना है. कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अभिभावकों और कर्मियों को बच्चों के बेहतर पोषण, स्वच्छता और उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए शपथ दिलायी गयी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण को जड़ से मिटाना और स्वस्थ समाज का निर्माण करना है.