हिसुआ : सड़क के कि नारे काले तिरपाल से ढंका जो ट्रक नुमा वाहन दिख रहा है वह दो चार घंटे के लिए नहीं बल्कि स्थायी रूप से यहीं खड़ा रहने वाला डीजे का वाहन है. वह यहां से तभी हटता है जब कभी किसी आयोजन के लिए बुक होता.
इसके यहां रहने से वाहनों के आने-जाने में हो रही परेशानियों से इसके मालिक को कोई मतलब नहीं रहता है. ऐसी ही स्थिति नगर के कई इलाकों में में है. नगर में लगभग डेढ़ दर्जन डीजे बैंड पार्टी हैं, जिनकी दुकानों के सामने सड़क पर डीजे बैंड का बड़ा चारपहिया वाहन स्थायी रूप से खड़ा रहता है. इन वाहनों के कारण भी नगर के मुख्य मार्गो पर हमेशा जाम लगता है.
वाहन संचालकों की मनमानी
नगर में इन दिनों प्राइवेट वाहन संचालकों की खुल कर मनमानी चल रही है. विश्व शांति चौक, नरहट रोड, राजगीर रोड, नवादा रोड पर सड़क किनारे सैकड़ों बोलेरो, मार्शल, सफारी, क्वॉलिस, एंबेस्डर, इंडिगो गाड़ियां दिन भर खड़ी रहती है. चालक सुबह से आठ बजे रात तक यहां कब्जा जमाये रहते हैं.
यह वाहन तभी हटता है जब इसे भाड़े पर सवारी लेकर कहीं जाते हैं. प्राइवेट के नाम पर ये गाड़ियां भाड़े पर चलती है.
नहीं देना पड़ता पार्किग चार्ज
दिन भर सड़क पर खड़े इन वाहनों से नगर पंचायत कोई टैक्स या पार्किग चार्ज नहीं वसूलता है. वाहन स्टैंड व चौक का ठेका होता है. पर, केवल भाड़े की गाड़ियों के लिए, जबकि ये गाड़ियां ठहरती है और यात्री बैठा कर खुल जाती है.
वहीं, स्थायी रूप से खड़े रहने वाले वाहनों के लिए कोई पार्किग चार्ज तय नहीं किया गया है. लोगों जाम लगने के लिए ऐसे ही वाहनों को सबसे बड़ा दोषी मानते हैं. इस पर प्रशासन कोई ध्यान नहीं देता है.
