नवादा : सावन का महीने का तीसरा सोमवारी पार कर गया है. लेकिन, चंद मिनटों की बारिश से शहर के मंदिरों में जाना श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है. इस पवित्र माह में पूजा-पाठ का बड़ा महत्व होता है. ऐसे में सड़कों पर पसरा कचरा और गंदे नालियों के पानी से लोगों को मंदिरों तक जाना मुश्किल हो गया है. वर्तमान में शहर के अंदर जिस दिन भी बारिश हुई, उस दिन मंदिर तो क्या बाजार जाना भी मुश्किल हो जा रहा है. इस लचर व्यवस्था से नगर परिषद के सफाई व्यवस्था का दम टूट गया है.
सावन की तीसरी सोमवारी बीतने के बाद भी नहीं हुई मंदिर जाने के रास्तों की सफाई
नवादा : सावन का महीने का तीसरा सोमवारी पार कर गया है. लेकिन, चंद मिनटों की बारिश से शहर के मंदिरों में जाना श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है. इस पवित्र माह में पूजा-पाठ का बड़ा महत्व होता है. ऐसे में सड़कों पर पसरा कचरा और गंदे नालियों के पानी से लोगों […]

मंगलवार को सुबह से चिलचिलाती धूप के बाद शाम को हुई चंद मिनटों की बारिश ने शहर को नरक में तब्दील कर दिया है. मंगलवार को हुई बारिश से शहर के कई प्रमुख स्थानों पर पानी जमा हो चुका है. नालियों के पानी का निकास नहीं रहने के कारण सड़कों पर नालियों का पानी बहने लगी है. इससे लोगों को सड़कों पर पैदल चलना काफी मुश्किल हो गया है.
इसके साथ ही शहर के सड़कों पर फैली गंदगी से कीचड़ भर गया है. पूरी तरह से शहर की स्थिति नरकीय हो गयी है. हालांकि नगर परिषद ने इसे दुरुस्त करने के लिये एक सप्ताह का समय लिया है और एजेंसी के बहाल होते ही सफाई में तेजी आ जाने की बात कही गयी. बावजूद यह कितना कारगर होगा कहा नहीं जा सकता है.
शहर की सफाई व्यवस्था को ठीक करने के लिये विभाग ने दो शिफ्टों में सफाई कार्य किये जाने की शुरुआत करने की बात कही जा रही है. वैसे शहर का जो भौगोलिक स्थिति है उसमें जल जमाव और गंदगी का होना कोई नयी बात नहीं है. नगर परिषद ने अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया है.
नाली को अब तक नहीं मिलाया खुरी नदी से
शहर के मेन रोड में पिछले एक दशक के बाद फिर से नाली का निर्माण किया गया है. लेकिन, इस बार भी इस नाली को खुरी नदी से नहीं जोड़ा गया है.
करोड़ों की लागत से बननेवाली यह नाली शहर के प्रजातंत्र चैक से मेन रोड, लाल चैक होते हुए खुरी नदी में मिलाने की बात कही गयी थी. बताया जाता है कि एक दशक पूर्व भी इसी नाली का निर्माण हुआ था जिसका निकास खुरी नदी में नहीं होने के कारण शहर में जल जमाव की स्थिति बन गयी.
इस बार भी नाली निर्माण के बाद खुरी नदी से नहीं मिलाया जा सका है. जब तक इस नाली का निकास नहीं बनेगा तब तक इस नाली का कोई औचित्य नहीं रहेगा. वैसे नालियों के वजह से ही शहर में जल जमाव की स्थिति बरकरार है. बावजूद इस पर ना तो नगर परिषद का ध्यान जा रहा है और ना ही जिला प्रशासन का ध्यान है.
रास्तों पर रहता है जलजमाव
हम बात करते हैं शहर के कुछ महत्वपूर्ण इलाकों की, जहां हर दिन थोड़ी सी बारिश से जलजमाव की स्थिति बन जा रही है. इनमें शहर के पुरानी जेल रोड, प्रजातंत्र चैक आदि स्थानों पर जल जमाव की स्थिति बनी रहती है. इसके अलावा शहर के पुरानी बाजार, विजय बाजार, इंदिरा गांधी चैक, थाना रोड तथा मेन रोड जरा सी बारिश से ही जलमग्न हो जा रही है.
मेन रोड शहर का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है. लेकिन इसकी हालात देखने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था का पोल खुलने जैसी है. सड़क पर पसरा गंदगी बारिश के पानी से कीचड़ का रूप ले लिया है.
सड़क पर जल जमाव और कीचड़ से हालात ऐसी बन गई है कि इस मार्ग से गुजरने के लिये बगैर बड़ी गाड़ी के नहीं चला जा सकता है. शहर में इस हालात को लेकर आम नागरिकों में नगर परिषद के प्रति काफी आक्रोश बनी हुई है. ऐसी हालातों में लोगों से जब बात की गयी, तो किसी ने भी नप के प्रति संतोष पूर्ण कार्य नहीं बताया.
क्या कहते हैं अधिकारी
शहर को स्वच्छ रखने के लिये नगर पर्षद गंभीर हो गयी है. अब नयी व्यवस्था के तहत दो शिफ्टों में शहर के प्रमुख इलाकों की सफाई की जायेगी. इसके साथ ही नालियों का तेजी से सफाई कराया जायेगा, ताकि शहर के सड़कों पर जलजमाव की स्थिति नहीं हो. नगर परिषद सफाई कर्मियों की संख्या में बढ़ोत्तरी की है साथ ही संसाधनों को भी बढ़ाते हुए सफाई के लिए नये एजेंसी को इसकी जिम्मा दिया जा रहा है.
15 अगस्त तक शहर में एजेंसी द्वारा काम शुरू हो जायेगा. इसके लिए आठ अगस्त तक नप बोर्ड के सशक्त कमेटी द्वारा एजेंसी चयन का काम भी पूरा कर लिया जायेगा. एक सप्ताह के अंदर शहर को दुरुस्त कर दिया जायेगा.
देवेंद्र सुमन, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद, नवादा