नवादा : पहली बार मां बनने पर सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मां व शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पांच हजार रुपये की धनराशि दी जा रही है. योजना के कुशल क्रियान्वयन के लिए व अधिक से अधिक लक्षित लाभुकों को लाभ दिलाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र के हिसाब से लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है.
इसके लिए प्रति आंगनबाड़ी केंद्र के क्षेत्र में 9 महिलाओं को इस योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है. समेकित बाल विकास योजना निदेशक ने पत्र के माध्यम से जिलेवार योजना की वर्तमान स्थिति से सभी जिले को अवगत कराया है.
संलग्न विवरण के अनुसार जिले में कुल 2234 आंगनबाड़ी केंद्र क्रियाशील है. जिसमें प्रति आंगनबाड़ी केंद्र पर नौ महिलाओं को लाभ दिलाने के लक्ष्यानुसार कुल 20106 लाभुकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिले में लक्ष्य के अनुसार 18 मार्च तक 7127 लाभुकों का विवरण कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में फीड किया गया है, जो लक्ष्य का 35 प्रतिशत है.
लाभुकों का विवरण कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में फीड करने के मामले में पूरे राज्य में रोहतास 60 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है. पहले स्थान पर 64 प्रतिशत के साथ सहरसा एवं तीसरे स्थान पर 54 प्रतिशत के साथ शेखपुरा जिला है.
योजना के अंतर्गत कुल तीन किश्तों में पैसे का भुगतान किया जाता है. जिले में 18 मार्च तक 1969 महिलाओं को दूसरे किश्त एवं 2501 महिलाओं को तीसरे किश्त का पैसा भुगतान किया जाना है. निदेशक आईसीडीएस ने पत्र के माध्यम से अधिक से अधिक लाभुकों का विवरण कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में फीड कराने के साथ लंबित किश्तों के भुगतान को सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है.
क्या है योजना : संस्थागत प्रसव में इजाफ़ा व गर्भवती महिलाओं को विशेष सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत भारत सरकार द्वारा की गयी है. यह योजना वैसी गर्भवती महिलाओं के लिए है जो पहले बच्चे को जन्म देती है. यह योजना गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए बनायी गयी है.
इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पहले बच्चे के लिए 5 हजार रुपये की सहायक धनराशि दी जाती है जो सीधे गर्भवती महिलाओं के खाते में पहुंचती है. इस धनराशि को तीन किश्तों में दिया जाता है. पहली किश्त 1000 रुपये गर्भ ठहरने के बाद पंजीकरण कराने के बाद दी जाती है.
दूसरी किस्त में 2000 रुपये गर्भवती महिला के गर्भ का छः माह पूरा होने पर चेक-अप के उपरांत दी जाती है. तीसरी और अंतिम किश्त में 2 हजार रुपये बच्चे के जन्म पंजीकरण के उपरांत एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के बाद दिया जाता है.
