अस्पताल में तोड़फोड़. मंगलवार की घटना के बाद कर्मचारियों में समाया डर
नवादा : सदर अस्पताल में मंगलवार को हंगामा होने के बाद बुधवार को पूरा दिन स्वास्थ्य कार्य प्रभावित रहा, लेकिन सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ प्रसाद ने पहल कर शाम को चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मचारियों को समझा-बुझा कर काम शुरू कराया गया़ रात में इमरजेंसी सेवा भी बहाल हुई और अन्य दिनों की तरह लोगों की आवाजाही लगी रही़ सदर अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मचारियों में घटना को लेकर दहशत है़ सदर अस्पताल की ओपीडी में मौजूद डॉक्टर डरे-सहमे थे़ वैसे पुलिस विभाग की मानें, तो यहां कुल 12 पुलिस जवानों की तैनाती है़ परंतु, वह सुरक्षा के नाम पर महज मूकदर्शक बने हैं. इधर, सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ प्रसाद ने बताया कि चिकित्सकों का काम इलाज करना है़ उनके पास किसी इंसान को जिंदा करने का जादू नहीं है़ लेकिन, यहां पर कुछ ऐसे मानसिकतावाले लोग हैं, जिनका काम ही है कि सेवा के इस मंदिर में विघ्न पैदा कर लोगों को फायदा होने से रोका जाये़
इस घटना से दूर-दराज से आनेवाले मरीजों को काफी तकलीफें हुई़ं उन्होंने कहा कि डीएस के स्तर से नगर थाने में एफआईआर के लिए आवेदन दिया जा चुका है़ कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों के कारण सभी को तकलीफ हुई है़ स्वास्थ्यकर्मियों व चिकित्सकों को काम शुरू करने को कहा गया है, उन्होंने बताया कि नरहट पीएचसी, पकरीबरावां पीएचसी तथा दशहरा के समय सदर अस्पताल की घटना के बाद पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गयी़ इसी का परिणाम है कि आज फिर से सदर अस्पताल में ऐसी घटना हुई़ लोगों को समझने की जरूरत है कि जिस सदर अस्पताल में कुव्यवस्था का आरोप लगाया जा रहा है, उसी सदर अस्पताल में प्रतिदिन 700 मरीजों का इलाज किया जा रहा है़ इस बात को लोग भूल चुके हैं़ उन्होंने कहा कि जो भी नुकसान हुआ है, उसे दुरुस्त किया जा रहा है़ सिविल सर्जन ने बताया कि अब सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जायेगी, हर तरफ से सरकारी अस्पतालों को सुरक्षा प्रदान करने की समुचित व्यवस्था की जा रही है़ उन्होंने बताया कि डीएम को निवेदन पत्र भेजा जा रहा है़ इसमें पूरे जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्सनल सिक्यूरिटी बहाल करने को लिखा गया है़ लगभग 60 सिक्यूरिटी की बहाली डीएम के स्तर से की जानी है़ इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजा गया था, लेकिन वहां से डीएम स्तर पर बहाल करने का आदेश प्राप्त हुआ है़ एक-दो दिनों में इस काम को पूरा कर लिया जायेगा़ यहां लगे सभी सीसीटीवी कैमरे को दुरुस्त कराया जाना है़ उपद्रवियों पर दया नहीं दिखायी जायेगी़ जिस तरह से मैन पावर की कमी है, उसके बाद भी लोगों को सेवा देने में सारे लोग लगे हुए हैं़
40 प्रतिशत ही मैन पावर
जिले के स्वास्थ्य केंद्राें में कुल पदों में मात्र 40 प्रतिशत ही मैन पावर उपलब्ध है़ इसमें सबसे बड़ी कमी चिकित्सकों की है़ कुल चिकित्सकों का पद 243 है, जिसमें मात्र 72 चिकित्सक ही कार्यरत हैं. ओटी के लिए कोई कर्मी नहीं है़ स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न विभागों के लिए कई तरह के पद आज भी रिक्त है़ं सभी पीएचसी में 14 डाटा ऑपरेटरों की कमी है, बीएचएम में दो पद रिक्त हैं, बीसीएम में नौ पद रिक्त हैं, अकाउंटेंट के पांच पद रिक्त हैं, पीएमडब्ल्यू में 15 पद रिक्त है तथा टीवी विभाग में 10 पद रिक्त हैं.
