मनरेगा से किया गया है पौधारोपण
पौधों को बचाने में वनपोषकों ने उठाये हाथ
आवंटन मिलते ही लगाये जायेंगे चापाकल : जेइ
अकबरपुर :रुपये के अभाव में प्रखंड में मनरेगा की योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं. इस संबंध में बताया गया कि करीब दो-तीन महीने पूर्व मो बबन के खेत में मनरेगा के तहत एक यूनिट में 200 पौधे लगाये गये गये. पौधे लगाने के बाद वनपोषकों की नियुक्ति की गयी. उनके द्वारा पौधों की सुरक्षा होनी है.
लेकिन, जो पौधे लगाये गये, उनमें से अधिकांश पौधे पानी के अभाव में सूख रहे हैं. इस संबंध में वनपोषकों द्वारा बताया गया कि पौधा लगाने के बाद उन लोगों को सिर्फ देखभाल की ही जिम्मेदारी सौंपी गयी है. पौधों की सिंचाई करने के लिए चापाकल भी नहीं लगे हैं. इसके चलते पौधों को सींचने में दिक्कत हो रही है़
प्रशासनिक कुव्यवस्था से इलाके को हरा-भरा रखने की सरकारी सोच पर पानी फिर रहा है. मुखिया ने बताया कि इस योजना के तहत राशि नहीं मिली है. इस कारण सिंचाई सहित पौधों की देखभाल करने की अन्य व्यवस्था कराने में असमर्थ है. इधर, प्रखंड के जेइ सुनील कुमार से ने बताया कि प्रखंड में चापाकल के लिए राशि नहीं आयी है.आते ही सभी पंचायतों में चापाकल लगाये जायेंगे.
