बंगाल की ममता सरकार पर लगाया तुष्टिकरण का आरोप
नागरिकों की कुशलता की कामना की
कोलकाता. बिहार के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाया है.
उन्होंने बहुसंख्यक संप्रदाय के धार्मिक मामले में सरकार के अड़ियल रुख के चलते अदालती हस्तक्षेप का ध्यान दिलाते हुए कहा कि सरकार ने जान बूझ कर एकादशी के दिन दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगायी थी. आखिरकार उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उसे पीछे हटना पड़ा, अपने फैसले पर पुनर्विचार को बाध्य होना पड़ा. इससे सच्चाई की जीत हुई है. उन्होंने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के आयोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह देश-दुनिया में सर्वत्र विख्यात है.
इस आयोजन को हर व्यक्ति को सम्मान की भावना के साथ देखना चाहिए. डॉ कुमार ने मगही भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मगही मगध नागरिक संघ की वर्षों पुरानी मांग का भी समर्थन किया. वह दुर्गा पूजा के दौरान कुछ कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए कोलकाता आये थे.
इस दौरान मगही मगध नागरिक संघ के सचिव उदय शर्मा, सत्यनारायण शर्मा व चमारी शर्मा ने मगही भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने को लेकर बिहार के कृषि मंत्री को एक ज्ञापन भी दिया. डॉ कुमार ने कहा कि मगही भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग का वह समर्थन करते हैं.
केंद्र सरकार से मगही को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की वह अपील भी करेंगे. इसके साथ ही उन्होेंने यह आश्वासन भी दिया कि बिहार सरकार भी मगही को उसका हक दिलाने लिए प्रक्रिया के तहत काम करेगी. अपने एक अभिनंदन कार्यक्रम के दौरान डॉ कुमार ने बंगाल में बड़ी संख्या में रह रहे बिहारी समुदाय के नागरिकों की कुशलता और समृद्धि की कामना भी की.
