अकबरपुर : प्राथमिक स्कूल, उर्दू बालिका, करहरा प्राथमिक स्कूल , अबगील संस्कृत विद्यालय, पारनवादा उर्दू टू प्राथमिक स्कूल, गढ़पर प्राथमिक स्कूल, वारिसलीगंज उर्दू प्राथमिक स्कूल, वारिसलीगंज संस्कृत प्राथमिक स्कूल तथा शेरपुर मध्य विद्यालय के पास खुद की जमीन नहीं होने के बावजूद अब तक ये सभी स्कूल बिना भवन के ही चल रहे हैं. शिक्षा विभाग द्वारा इन स्कूलों को आस-पास के दूसरे स्कूलों में मर्ज कर चलाया जा रहा है.
बच्चों व शिक्षकों को होती है परेशानी
बगैर भवनवाले स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के साथ एडमिशन लेनेवाले छात्र-छात्राओं को स्थिरता नहीं मिल पाती है. कभी भवन के लिए भटकाव होता है, तो कभी आपसी विवाद के कारण दोनों स्कूलों के प्रबंधक आपस में ही उलझते दिखते हैं. नगर के पार नवादा उर्दू वन में ही उर्दू टू स्कूल के संचालन की व्यवस्था विभाग द्वारा की गयी है. लेकिन, यह स्कूल अब भी अलग-अलग ही संचालित किये जा रहे हैं.
जमीन देनेवालों के नाम पर होगा स्कूल
जिन स्कूलों के पास अपनी जमीन नहीं है, उनके लिए वरीय अधिकारियों को सूचना दी गयी है. ग्रामीणस्तर पर भी लोगों से अपील की जा रही है कि स्कूल के लिए भूमि दान करें. भूमि दान करनेवाले परिवार के नाम पर स्कूल का नामकरण करने की सुविधा भी दी गयी है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग लिया जाता है.
चिंता कुमारी, डीपीओ,सर्वशिक्षा अभियान
भूमिविहीन नवसृजित स्कूलों की संख्या
प्रखंडों के नाम संख्या
अकबरपुर 13
गोविंदपुर 07
हिसुआ 12
काशीचक 08
कौआकोल 13
मेसकौर 07
नरहट 18
नारदीगंज 08
नवादा 21
पकरीबरावां 10
रजौली 08
रोह 17
सिरदला 10
वारिसलीगंज 06
नोट : नवसृजित स्कूल के अलावा एक मध्य स्कूल व सात प्राथमिक स्कूल भी भूमिहीन हैं.
