पीएचसी की टीम ने गांव का किया दौरा
गंभीर मरीजों को लाया गया अस्पताल
वारिसलीगंज : चकवाय गांव स्थित महादलित टोले में डायरिया तेजी से फैल रहा है. बीमारी की चपेट में आकर दर्जन भर महादलित हॉस्पिटल में भर्ती हैं़ कोई सरकारी अस्पतालों में है, तो कोई निजी नर्सिंग होम में़ गुरुवार को विधायक अरुणा देवी ने पीएचसी पहुंच चिकित्सकों को गांव में बीमारी फैलने की सूचना दी़ इसके बाद फर्मासिस्ट मुरली मनोहर सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम का गठन कर गांव भेजा गया.
गांव से लौटने के बाद फर्मासिस्ट ने बताया कि गंभीरावस्था वाले चार मरीजों को एंबुलेंस से इलाज के लिए पीएचसी लाया गया. कुछ मरीजों को ओआरएस पाउडर व अन्य दवाएं दी गयी हैं़ स्लाइन व अन्य दवाएं आंगनबाडी सेविका ओं को उपलब्ध करायी गयी हैं
टीम ने बताया कि रविदास और मांझी टोला में बीमारी का सबसे ज्यादा प्रकोप है. नाजुक स्थितिवाले मरीजों राम विलास रविदास के 12 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार, नीतू कुमारी, इंदर रविदास की 12 वर्षीया पुत्री टुन्नी कुमारी तथा महादलित टोला निवासी लखन मांझी के सात वर्षीय पुत्र रामू कुमार को पीएचसी में लाया गया है़ पीएचसी के हवाले से बताया गया कि सभी मरीज खतरे से बाहर हैं.
दवा व स्लाइन दी जा रही हैं़ अपने बच्चों का इलाज करवा रहे राम विलास रविदास ने कहा कि गांव में दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमारी की चपेट में हैं. इसमें अधिकांश निजी नर्सिंग होम में इलाजरत हैं. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ बीएल चौधरी ने ग्रामीणों से कहा कि डायरिया से बचाव के लिए ताजा और गर्म भोजन करें. पानी को उबाल कर पीने की सलाह के अलावा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया.
