Nalanda News : (कंचन कुमार) नालंदा वेना टोल प्लाजा एनएच-20 स्थित वेना टोल प्लाजा की मौजूदा व्यवस्था ने बिहारशरीफ से सरमेरा आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. संपर्क मार्ग बंद होने से वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है.
बंद मार्ग से बढ़ी मुश्किलें, रोजाना झेल रहे परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार मोरा तालाब चौक की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग को टोल एजेंसी द्वारा बंद कर दिया गया है. इसके कारण सरमेरा जाने वाले वाहन चालकों को पहले वेना टोल प्लाजा तक पहुंचना पड़ता है और फिर करीब 13 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर वापस सरमेरा मार्ग पकड़ना पड़ता है.
अतिरिक्त दूरी से बढ़ा डीजल-पेट्रोल का खर्च
वाहन चालकों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण रोजाना 20 से 30 मिनट अतिरिक्त समय बर्बाद हो रहा है. वहीं डीजल और पेट्रोल की खपत बढ़ने से आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है. छोटे व्यवसायियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
दर्जनों पंचायतों के हजारों लोग प्रभावित
इस समस्या का असर चंडी, माधोपुर, रामघाट, नगरनौसा और दनियावां समेत कई पंचायतों के लोगों पर पड़ रहा है. इलाज, पढ़ाई, व्यवसाय और अन्य जरूरी कामों के लिए बिहारशरीफ आने-जाने वाले ग्रामीणों को अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ रही है.
छोटे वाहन चालकों की आमदनी पर पड़ा असर
नूरसराय प्रखंड के किशमिरियाचक निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अवधेश रमन ने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण टोल एजेंसी की मनमानी बढ़ती जा रही है. टोटो, ऑटो, ई-रिक्शा और छोटे व्यवसायिक वाहन चालकों की आमदनी इस व्यवस्था से प्रभावित हो रही है.
रोज 500 से 700 लोग हो रहे परेशान
स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क बंद रहने से प्रतिदिन 500 से 700 वाहन चालक और राहगीर प्रभावित हो रहे हैं. कई लोगों को समय पर पहुंचने के लिए काफी पहले घर से निकलना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या भी बिगड़ रही है.
प्रशासन से वैकल्पिक मार्ग खोलने की मांग
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने जिला प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर बंद मार्ग को चालू कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है.
