नालंदा में चेतना सत्र खत्म होते ही बेहोश होकर गिरे शिक्षक की मौत, 2 महीने से वेतन न मिलने के कारण था मानसिक तनाव

Nalanda News: नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय जीवनपुर में कार्यरत नियोजित शिक्षक विनोद कुमार (निवासी गौरी, चंडी) की मंगलवार को चेतना सत्र के बाद अचानक हार्ट अटैक आने से मौत हो गई. शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार का आरोप है कि पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने और जल्द ही इकलौती बेटी की शादी होने के कारण वे भारी आर्थिक व मानसिक तनाव में थे. चंडी रेफरल अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया है.

Nalanda News(रंजीत सिंह): नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहाँ प्राथमिक विद्यालय जीवनपुर में कार्यरत एक नियोजित शिक्षक की स्कूल परिसर में ही अचानक तबीयत बिगड़ने और बेहोश होकर गिरने से मौत हो गई. घटना के बाद जहां एक तरफ शिक्षा जगत और शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं दूसरी तरफ मृतक शिक्षक के घर में कोहराम मच गया है.

चेतना सत्र के ठीक बाद बिगड़ी तबीयत, चंडी अस्पताल में घोषित हुए मृत

मृतक शिक्षक की पहचान चंडी थाना क्षेत्र के गौरी गांव निवासी विनोद कुमार के रूप में हुई है. विनोद कुमार मंगलवार को अपनी दिनचर्या के अनुसार बिल्कुल सही समय पर प्राथमिक विद्यालय जीवनपुर पहुंचे थे. स्कूल में सुबह का चेतना सत्र जैसे ही समाप्त हुआ, वैसे ही अचानक विनोद कुमार की तबीयत बिगड़ गई और वे फर्श पर बेहोश होकर गिर पड़े. विद्यालय की प्रधान शिक्षिका प्रियंका कुमारी ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत इलाज के लिए रेफरल अस्पताल चंडी पहुंचाया और उनके परिजनों को मामले की सूचना दी. हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. चिकित्सकों के मुताबिक, उनकी मौत की मुख्य वजह गंभीर हार्ट अटैक होना है.

2 महीने से बकाया था वेतन, इकलौती बेटी की शादी को लेकर थे मानसिक तनाव में

इस दुखद घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं.  परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने विभागीय लापरवाही को इस असमय मौत का जिम्मेदार ठहराया है.

शिक्षक संघ के अनुसार, विभागीय लेटलातीफी के कारण विनोद कुमार समेत तमाम नियोजित शिक्षकों को पिछले दो महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया था. इधर, विनोद कुमार के घर में उनकी इकलौती बेटी की शादी तय हो चुकी थी और जल्द ही शहनाइयां गूंजने वाली थीं. घर में एक तरफ खुशी का माहौल था, तो दूसरी तरफ दो महीने से वेतन न मिलने के कारण वे आर्थिक तंगी और बेटी की शादी की तैयारियों को लेकर भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे. संघ का मानना है कि इसी अत्यधिक चिंता के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा.

शिक्षक संघ ने की आर्थिक सहायता और विभागीय लाभ की मांग

घटना की भनक लगते ही शिक्षक संघ के तमाम पदाधिकारी और साथी शिक्षक चंडी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया.

परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मृतक शिक्षक के आश्रित परिवार को जल्द से जल्द विभागीय लाभ, अनुकंपा पर नौकरी और उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए. जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने कहा कहा कि विनोद कुमार एक बेहद कर्तव्यनिष्ठ, सरल और मिलनसार स्वभाव के शिक्षक थे. उनका इस तरह बीच सफर में चले जाना पूरे शिक्षक समाज के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती.

बताया जाता है कि स्वर्गीय विनोद कुमार अपने पीछे दो पुत्र, एक पुत्री और पत्नी का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं. जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सिर्फ मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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